ब्रिटेन में लगभग 1 में से 100 लोग क्लस्टर हेडेक नामक एक रेयर मेडिकल कंडीशन से पीड़ित हैं, जो सबसे खतरनाक दर्द का कारण बनती है. हाल ही में एक अध्ययन में इस दर्द की तुलना प्रसव पीड़ा, गोली लगने के घाव और हड्डी टूटने से की गई, और परिणाम चौंकाने वाले थे.
अमेरिकन स्टडी में 1,604 क्लस्टर हेडेक रोगियों से उनके अनुभव किए गए दर्द की तुलना की गई, जिसमें प्रसव पीड़ा दूसरे स्थान पर रही. इस अध्ययन के परिणाम में क्लस्टर हेडेक एक भयंकर स्थिति के रूप में सामने आया, जिससे पीड़ित व्यक्ति के लिए दैनिक जीवन सामान्य रखना बेहद कठिन हो जाता है.
टॉप 10 सबसे भयंकर दर्दनाक कंडीशन और चोट
क्लस्टर हेडेक अटैकचाइल्ड बर्थपैंक्रियाटाइटिस किडनी स्टोनगॉलस्टोनगनशॉटस्लिपिंग ए डिस्कमाइग्रेन अटैकफ़िब्रोमालजियाबोन फ्रेक्चरहार्ट अटैक
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क्लस्टर हेडेक का दर्द सबसे खतरनाक
स्टडी में प्रतिभागियों से उनके अनुभव किए गए दर्द की तीव्रता को 0 से 10 के पैमाने पर आंकने के लिए कहा गया. चौंकाने वाली बात यह थी कि प्रसव पीड़ा को केवल 7.2 अंक मिले, जबकि क्लस्टर हेडेक का दर्द 10 में से 9.5 अंक तक पहुंचा.
कैसा होता है क्लस्टर हेडेक का दर्द
यह दर्द तेज और जलन जैसा होता है, जो आमतौर पर सिर के एक तरफ और आंख के आसपास महसूस होता है. क्लस्टर हेडेक का दर्द अचानक ट्रिगर होता है, जो बहुत ही हाई इंटेंसिटी का होता है. यह दर्द कई घंटों तक रह सकता है और कुछ हफ्तों या महीनों तक बार-बार हो सकता है.
दूसरी दर्दनाक स्थितियों से तुलना
अध्ययन में अन्य गंभीर दर्दनाक स्थितियों का भी मूल्यांकन किया गया. इन स्थितियों में सबसे तीव्र दर्द के मामले में क्लस्टर हेडेक ने प्रसव पीड़ा, गोली लगने के घाव और हड्डी टूटने को पीछे छोड़ दिया. दिल के दौरे और फाइब्रोमायल्जिया जैसे दर्दनाक स्थितियों का दर्द भी क्लस्टर हेडेक के दर्द से कम था.
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क्लस्टर हेडेक का कारण
क्लस्टर हेडेक के कारण अभी तक पूरी तरह से समझे नहीं गए हैं. हालांकि, यह स्थिति 30 के व्यक्तियों में अधिक आम होती है और पुरुषों में महिलाओं के मुकाबले लगभग 6 गुना अधिक देखी जाती है.
उपचार
यह दर्द इतनी तीव्र होता है कि इसके लिए नॉर्मल पेन किलर दवाएं जैसे पेरासिटामोल और इबुप्रोफेन प्रभावी नहीं होतीं. विशेषज्ञों का मानना है कि इस दर्द का इलाज करने के लिए सही कारणों का पता लगाना जरूरी होता है.
Disclaimer: प्रिय पाठक, हमारी यह खबर पढ़ने के लिए शुक्रिया. यह खबर आपको केवल जागरूक करने के मकसद से लिखी गई है. हमने इसको लिखने में घरेलू नुस्खों और सामान्य जानकारियों की मदद ली है. आप कहीं भी कुछ भी अपनी सेहत से जुड़ा पढ़ें तो उसे अपनाने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें.
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