Cricket Australia Statement: क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी देने के लिए दिग्गज भारतीय बल्लेबाज सुनील गावस्कर को न बुलाए जाने को लेकर अपनी चुप्पी तोड़ी है. भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच हुई पांच मैचों की बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी मेजबान टीम ने 3-1 से जीती. सिडनी टेस्ट मैच के बाद प्रेजेंटेशन सेरेमनी में ट्रॉफी देने के लिए सिर्फ एलन बॉर्डर को ही बुलाया गया, जिससे गावस्कर खुश नहीं थे. गावस्कर ने कहा, ‘मुझे पुरस्कार वितरण समारोह में जाकर खुशी होती.’ हालांकि, अब गावस्कर की नाराजगी पर क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने बयान दिया है.
गावस्कर ने जताई नाराजगी
गावस्कर ने कोड स्पोटर्स से कहा, ‘मुझे पुरस्कार वितरण समारोह में जाकर खुशी होती आखिरकार यह बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी है और आस्ट्रेलिया-भारत से जुड़ी है.’ उन्होंने आगे कहा, ‘मैं मैदान पर ही था. मुझे फर्क नहीं पड़ता कि ट्रॉफी आस्ट्रेलिया को दी जा रही थी. उन्होंने बेहतर क्रिकेट खेला और जीते. ठीक है.’ भारतीय दिग्गज ने आगे कहा, ‘सिर्फ इसलिये कि मैं एक भारतीय हूं. अपने अच्छे दोस्त एलन बॉर्डर के साथ ट्रॉफी प्रदान करके मुझे खुशी होती.’
क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने क्या कहा?
क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने कहा कि गावस्कर को बताया गया था कि अगर मेहमान टीम ट्रॉफी रिटेन करती है तो वह भारतीय कप्तान जसप्रीत बुमराह को पुरस्कार प्रदान करते. ऑस्ट्रेलिया ने 10 साल बाद ट्रॉफी जीती और जिसके चलते एलन बॉर्डर को ऑस्ट्रेलिया के कप्तान पैट कमिंस को ट्रॉफी प्रदान करने के लिए बुलाया किया गया. क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के प्रवक्ता ने एक बयान में कहा, ‘हम मानते हैं कि यह बेहतर होता यदि एलन बॉर्डर और सुनील गावस्कर दोनों को मंच पर आने के लिए कहा जाता.’
भारत और आस्ट्रेलिया 1996-97 से बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी खेल रहे हैं. इस बार पांच मैचों की सीरीज में पिछले सप्ताह मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड पर अब तक का दर्शक संख्या का रिकॉर्ड टूटा. भारत ने सिडनी टेस्ट हारने के साथ ही खुद को वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप की रेस से भी बाहर कर लिया. साउथ अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया की टीमें इस साल होने वाले WTC फाइनल में खिताब के लिए भिड़ेंगी.
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