Weather Changing: देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम बदलने लगता है. जहां दिन में तेज धूप पसीने निकाल रही है, वहीं रात और तड़के सुबह अब भी तापमान कम है. इसके चलते लोग इन्फेक्शन, बुखार, सिरदर्द, आदि समस्याओं से परेशान हो रहे हैं. इसके अलावा, हीट वेव, स्मॉग और सूखे का खतरा बढ़ सकता है. मौसम के बदलते ही कई तरह की नॉन-कम्युनिकेबल बीमारियां भी तेजी से फैलने लगती है, जिसके कारण तनाव, माइग्रेन, स्ट्रोक जैसी चीजों का खतरा बढ़ जाता है. एक्सपर्ट के अनुसार, मौसम में बढ़ती गर्मी शरीर के साथ-साथ दिमाग पर असर डालती है. दिमाग काम करने के तरीके को भी बदल सकता है. आइए जानते हैं कि मौसम बदलने के दौरान कौन-कौन सी परेशानी बढ़ सकती हैं.कहानी अभी बाकी हैलाइव टीवी
आवाज लड़खड़ाना
व्यवहार में चिड़चिड़ापन
भ्रम की स्थिति
एंग्जायटी
इसके अलावा, आपको शरीर पर कई तरह के संकेत मिल सकते हैं, जिसमें स्किन रैशेज, तेज सांस चलना, अनियमित हार्ट बीट, सिरदर्द और शरीर के तापमान में बदलाव आदि शामिल है. इन लक्षणों के दिखने के बाद तुरंत डॉक्टर से सम्पर्क करें और स्थिति की गंभीरता को समझें.
दिमाग को कैसे रखें सुरक्षित?
बदलते मौसम और गर्मी बढ़ने पर टाइट कपड़े ना पहनें. ढीले-ढाले या कॉटन के कपड़े ही पहनें.
दिन में खूब पानी पिएं. नारियल पानी, दाल का पानी, छाछ, फ्रूट जूस जैसे हेल्दी ड्रिंक्स का सेवन करें. इससे शरीर में पानी की कमी नहीं होगी.
स्मोकिंग या अल्कोहल का सेवन पूरी तरह बंद कर दें.
कुछ दवाओं के सेवन से डिहाइड्रेशन की समस्या हो सकती है, इसलिए, किसी भी दवा का सेवन करने से पहले अपने डॉक्टर से बात जरूर कर लें और सावधानियां बरतें.
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी घरेलू नुस्खों और सामान्य जानकारियों पर आधारित है. इसे अपनाने से पहले चिकित्सीय सलाह जरूर लें. ZEE NEWS इसकी पुष्टि नहीं करता है.)
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