थकान महसूस होना एक आम समस्या है, लगातार काम या बीमार होने पर अक्सर शरीर में सुस्ती महसूस होने लगती है. लेकिन यदि आप हफ्तों से बिना कारण थकान महसूस कर रहे हैं, तो यह क्रॉनिक फैटीग सिंड्रोम (CFS)हो सकता है. इसे मेडिकल भाषा में मायलजिक एन्सेफेलोमायलाइटिस या सिस्टेमिक एक्सर्शन इनटोलरेंस डिजीज (SEID) भी कहा जाता है.
यह एक गंभीर हेल्थ इश्यू है लेकिन जागरूकता की कमी के कारण इसे सीरियसली नहीं लिया जाता है. सबसे ज्यादा चिंता की बात यह है कि यह बीमारी महिलाओं को पुरुषों की तुलना में 2 से 4 गुना अधिक प्रभावित करती है.
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क्या है क्रोनिक फेटीग सिंड्रोम?
CFS एक ऐसी स्थिति है जिसमें व्यक्ति को 6 महीने या उससे अधिक समय तक लगातार थकान और कमजोरी महसूस होती है, जिसे किसी दूसरी बीमारी से जोड़ा नहीं जा सकता. यह थकान शारीरिक या मानसिक मेहनत के बाद और बढ़ जाती है और आराम करने से भी ठीक नहीं होती.
किन्हें होता है यह रोग?
CFS आमतौर पर 25 से 45 वर्ष की महिलाओं को प्रभावित करता है, लेकिन किशोरों और बच्चों में भी देखा गया है. वायरस जैसे एपस्टीन-बार, साइटोमेगालो वायरस, हर्पीस और यहां तक कि लॉन्ग कोविड भी इसे ट्रिगर कर सकते हैं.
सीएफएस के लक्षण क्या हैं?
– छह महीने या उससे ज्यादा समय तक थकान और कमजोरी- याददाश्त की कमजोरी और ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई- गले में खराश, सिरदर्द, मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द- गर्दन या अंडरआर्म में लिम्फ नोड्स का सूजन- नींद के बावजूद थकान बनी रहना, नींद में खलल- चक्कर आना, सांस फूलना, पेट की समस्याएं, हल्का बुखार और घबराहट
क्या है इसका इलाज?
CFS का कोई ठोस इलाज नहीं है, लेकिन लक्षणों के अनुसार इलाज किया जाता है. विटामिन D, B12, E जैसे सप्लीमेंट्स मददगार हो सकते हैं. साइकोलॉजिकल काउंसलिंग, योग, मेडिटेशन, और संतुलित खानपान से सुधार संभव है. अच्छी नींद, स्ट्रेस मैनेजमेंट और हल्का व्यायाम भी लक्षणों को कम करने में मददगार होते हैं.
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी घरेलू नुस्खों और सामान्य जानकारियों पर आधारित है. इसे अपनाने से पहले चिकित्सीय सलाह जरूर लें. ZEE NEWS इसकी पुष्टि नहीं करता है.)
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