Ollie Robinson: भारत और इंग्लैंड के बीच 25 जनवरी से टेस्ट सीरीज की शुरुआत होनी है. इससे पहले इंग्लैंड के तेज गेंदबाज ओली रॉबिन्सन ने भारत के स्टार बल्लेबाज विराट कोहली को लेकर बड़ा बयान दिया है. इस पेसर का कहना है कि विराट कोहली घमंडी हैं. बता दें कि इंग्लैंड टीम 21 जनवरी को हैदराबाद में होने वाले टेस्ट मैच के लिए भारत पहुंचेगी. BCCI ने भारत के स्क्वॉड का शुरुआती दो टेस्ट मैचों के लिए ऐलान कर दिया है. वहीं, इंग्लैंड ने दिसंबर 2023 में ही इस सीरीज के लिए अपने स्क्वॉड का ऐलान कर दिया था.
‘कोहली के अंदर ईगो…’ टेस्ट सीरीज की शुरुआत से पहले ओली रॉबिन्सन ने कहा है कि विराट में बड़ा अहंकार है और यह स्टार बल्लेबाज रेड-बॉल सीरीज पर हावी होने वाला है. ईएसपीएन क्रिकइंफो पर बात करते हुए इस गेंदबाज ने कहा, ‘आप हमेशा सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों के खिलाफ खेलना चाहते हैं, है ना? और आप हमेशा सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों को आउट करना चाहते हैं. कोहली उनमें से एक हैं. उनके पास एक बड़ा ईगो है और मुझे लगता है कि भारत में खेलना, जहां वह(कोहली) हावी होना चाहते हैं और रन बनाना चाहते हैं. काफी रोमांचक रहेगा.’
भारत का सफल दौरा करना चाहते हैं रॉबिन्सन
इंग्लैंड के इस तेज गेंदबाज ने भारत के खिलाफ चार टेस्ट मैच इंग्लैंड में खेले हैं और यह पहली बार होगा जब वह भारतीय परिस्थितियों में गेंदबाजी करेंगे. इस 30 वर्षीय तेज गेंदबाज का मानना है कि भारत का एक सफल दौरा उनकी टीम में जगह पक्की कर सकता है. रॉबिन्सन ने कहा, ‘अगर मैं भारत में एक बड़ा दौरा कर सकता हूं. तो इससे मुझे कुछ समय के लिए तैयार होना चाहिए. अगर मैं अच्छा प्रदर्शन करता हूं, तो मैं खुद की जगह टीम में पक्की कर सकता हूं.’
पहले दो टेस्ट के लिए टीम इंडिया का स्क्वाड
रोहित शर्मा (कप्तान), जसप्रीत बुमराह (उपकप्तान), शुभमन गिल, यशस्वी जायसवाल, विराट कोहली, श्रेयस अय्यर, केएल राहुल (विकेटकीपर), केएस भरत (विकेटकीपर), ध्रुव जुरेल (विकेटकीपर), रविचंद्रन अश्विन, रवींद्र जडेजा, अक्षर पटेल, कुलदीप यादव, मोहम्मद सिराज, मुकेश कुमार और आवेश खान.
इंग्लैंड टीम का स्क्वाड
बेन स्टोक्स (कप्तान), रेहान अहमद, जेम्स एंडरसन, गस एटकिंसन, जॉनी बेयरस्टो (विकेटकीपर), शोएब बशीर, हैरी ब्रूक, जैक क्रॉली, बेन डकेट, बेन फॉक्स, टॉम हार्टले, जैक लीच, ओली पोप, ओली रॉबिन्सन, जो रूट और मार्क वुड.
Govt figures Tell a Tale
Corpns, federations, welfare boards have little to show for work Source link

