भारत के पूर्व ओपनिंग बल्लेबाज नवजोत सिंह सिद्धू का कहना है कि भारत को 20 जून से इंग्लैंड के खिलाफ शुरू होने वाली पांच मैचों की टेस्ट सीरीज में विराट कोहली के अनुभव की जरूरत होगी और उन्होंने स्टार भारतीय बल्लेबाज से टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने के अपने फैसले पर फिर से विचार करने का अनुरोध किया है. टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट मुताबिक विराट कोहली ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) से संपर्क किया और कहा कि वह लंबे फॉर्मेट से संन्यास लेना चाहते हैं. हालांकि, नवजोत सिंह सिद्धू का मानना है कि विराट कोहली का टेस्ट क्रिकेट से दूर जाने का समय सही नहीं है.
‘विराट कोहली के बिना इंग्लैंड में ये टीम नहीं भेज सकते’
नवजोत सिंह सिद्धू ने एक्स पर पोस्ट किए गए एक वीडियो में कहा, ‘विराट कोहली के फैसले कि वह संन्यास लेना चाहते हैं, इसने क्रिकेट जगत में हलचल मचा दी है. उनका इरादा सही है, उनका उद्देश्य नेक है कि पुरानी व्यवस्था बदलनी चाहिए और उसकी जगह नई व्यवस्था आनी चाहिए, लेकिन यह समय और अवसर उचित नहीं है, क्योंकि भारत का गौरव और प्रतिष्ठा दांव पर लगी है.’
सिद्धू ने टीम इंडिया को दे दी चेतावनी
नवजोत सिंह सिद्धू ने कहा, ‘हम एक ऐसे दौरे पर जा रहे हैं, जो अन्य टेस्ट खेलने वाले देशों के लिए भी सबसे कठिन लिटमस टेस्ट है. मैं क्यों कहता हूं कि विराट कोहली इंग्लैंड में हमारे ‘चमकते कवच’ हो सकते हैं? क्योंकि उनके पास अनुभव है. खासकर रोहित शर्मा के जाने के बाद आप इंग्लैंड में एक अनुभवहीन टीम नहीं भेज सकते.’ नवजोत सिंह सिद्धू ने महान भारतीय क्रिकेटर सुनील गावस्कर का भी उदाहरण दिया, जिन्होंने 1987 के वनडे वर्ल्ड कप के दौरान एक अहम मैच में तेज बुखार के बीच भारत के लिए खेला था.
गावस्कर से की कोहली की तुलना
नवजोत सिंह सिद्धू ने कहा, ‘1987 के वनडे वर्ल्ड कप में, जो मेरा पहला टूर्नामेंट था, सुनील गावस्कर को तेज बुखार था. कप्तान कपिल देव ने सुनील गावस्कर से पूछा कि क्या वह फिट हैं, और जवाब आया, ’50-50 छोड़ो.’ कपिल देव ने चेहरे पर मुस्कान के साथ कहा, ‘सुनील गावस्कर 50 प्रतिशत में भी इस दुनिया में किसी 100 प्रतिशत से भी बेहतर हैं. यही बात विराट कोहली पर भी लागू होती है.’
विराट कोहली को मिलनी चाहिए कप्तानी
नवजोत सिंह सिद्धू ने कहा, ‘विराट कोहली को अगले 6 और 7 महीनों के लिए भारत का अस्थायी कप्तान होना चाहिए और आगे से भारत का नेतृत्व करना चाहिए.’ अगर विराट वास्तव में रिटायर होते हैं, तो यह 14 साल के शानदार टेस्ट करियर का अंत होगा, जिसके दौरान उन्होंने 123 टेस्ट में 46.85 की औसत से 30 शतकों के साथ 9,230 रन बनाए. वह भारत के अब तक के सबसे सफल टेस्ट कप्तान भी हैं, जिन्होंने आर्मबैंड के साथ 68 में से 40 टेस्ट जीते हैं.
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