Last Updated:February 04, 2026, 13:24 ISTEtawah News: सोशल मीडिया पर अक्सर कुछ न कुछ वायरल होता रहता है. हाल ही में एक कुत्ता जब भगवान के चक्कर लगाने लग गया था तो लोगों ने उसे ही पूजना शुरू कर दिया. अब इटावा से एक ऐसा ही चौंकाने वाला मामला सामने आया है. यहां एक नीम के पेड़ को लोगों ने भगवान का चमत्कार मान लिया है. आइए जानते हैं पूरा मामला.
नीम का पेड़ बना भगवान.इटावा: उत्तर प्रदेश के इटावा से एक अजब गजब मामला सामने आया है. यहां के जसवंतनगर तहसील के जलपोखरा गांव में आगरा हाईवे के किनारे स्थित एक नीम का पेड़ सुर्खियों में छा गया है. लोग इसकी बढ़-चढ़कर पूजा कर रहे हैं. पूजा करने के लिए बड़ी संख्या में हजारों की संख्या में श्रद्धा भाव से आसपास के लोग जमा हो रहे हैं. दरअसल, लोग दावा कर रहे हैं कि इस पेड़ से एक पदार्थ का रिसाव हो रहा है, जो कहीं ना कहीं नारियल के पानी जैसा महसूस हो रहा है. इससे इंसानी शरीर में खुजली और दर्द जैसी बीमारियों में राहत मिल रही है.
स्थानीय लोग भगवान के चमत्कार को मान करके यहां पूजा अर्चना करने के लिए न केवल पहुंच रहे हैं बल्कि चढ़ौती चढ़ाने में भी जुटे हुए दिख रहे हैं. आसपास से जुड़ने वाली महिलाएं यहां पर भजन और डांस कर रही हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि करीब एक पखवाड़े पहले से शुरू हुआ यह रिसाव दूध जैसा दिखाई दे रहा है. इसका सेवन करने पर नीम जैसी कड़वाहट का एहसास नहीं है, लेकिन यह रस कहीं ना कहीं नारियल के पानी जैसा लगता है.
बता दें, जो लोग यहां पर पूजा-अर्चना करने के लिए पहुंच रहे हैं वह नीम के पेड़ से निकलने वाले इस रस को हर हाल में चख रहे हैं. साथ ही कही ना कही कुछ दान देकर जरूर जा रहे हैं. महिलाएं, बूढ़े, बच्चे हर कोई इस नीम के पेड़ के दर्शन करने के लिए पहुंचता हुआ दिखाई दे रहा है. कृषि विभाग केउप निदेशक आरएन सिंह ऐसा मानते हैं कि नीम का पेड़ कहीं ना कहीं इंसानों के लिए किसी भी तरह से मुफीद होता है, लेकिन यह बदलाव तकनीकी तौर पर पानी के प्रभाव के बढ़ने के चलते हुआ है. जैसे-जैसे तापमान में वृद्धि होगी वैसे ही नीम के पेड़ से रस का प्रभाव घटना शुरू हो जाएगा.
जिस स्थान पर नीम का पेड़ लगा हुआ है उसके पास में एक ईंट का भट्टा भी बना हुआ है. नीम के पेड़ से रिसाव सबसे पहले ईंट भट्टे पर काम करने वाले मजदूर ने ही देखा है. इसके बाद स्थानीय लोगों को इस बारे में जानकारी मिली तो धीरे-धीरे जमावड़ा लगना शुरू हो गया. कहा जा रहा है कि प्रतिदिन कम से कम 7 लीटर के आसपास रस का रिसाव पेड़ से हो रहा है. इसको बर्तन में भरकर यहां पहुंचने वाले लोगों के बीच में बांटा जा रहा है.About the Authorकाव्या मिश्राKavya Mishra is working with News18 Hindi as a Senior Sub Editor in the regional section (Uttar Pradesh, Uttarakhand, Haryana and Himachal Pradesh). Active in Journalism for more than 7 years. She started her j…और पढ़ेंLocation :Etawah,Uttar PradeshFirst Published :February 04, 2026, 13:24 ISThomeuttar-pradeshनीम का पेड़ बना भगवान! देने लगा मीठा-मीठा पानी, स्वाद चखने को दौड़े लोग

