उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले के टेंगाई गांव के रहने वाले किसान रविंद्र कुमार पाण्डेय ड्रैगन फ्रूट्स की खेती से लाखों रुपये कमा रहे हैं। इसके लिए रवींद्र ने विदेश की नौकरी का ऑफर तक ठुकरा दिया। युवा किसान रवींद्र ने खेती को अपना करियर बना लिया है।
किसान रविंद्र कुमार ने ड्रैगन फ्रूट की शुरुआत 400 पौधे की खेती से शुरू की थी। 10 बिस्वा खेत में 400 पौधे लगाकर तैयार किए हैं। अब वह प्रति वर्ष 4-5 लाख का मुनाफा कमा रहे हैं। किसान रविंद्र कुमार पांडे कैक्टस प्रजाति के ड्रैगन फ्रूट की खेती कर रहे हैं। ड्रैगन फ्रूट की खेती से किसान की जिंदगी बदल गई। किसान रविंद्र कुमार पांडे ने सन 2016 में मात्र 50 से 60 हजार की लागत लगाकर ड्रैगन फ्रूट की खेती करनी शुरू की। किसान अब प्रति वर्ष 4 लाख सालाना की कमाई कर रहा है।
किसान रविन्द्र कुमार पाण्डेय के पिता सुरेश चन्द्र पाण्डेय जो पारंपरिक खेती किसानी करते थे। रविन्द्र कुमार पाण्डेय ने LLB की पढ़ाई करने के बाद विदेश की कम्पनी में मल्टी नेशनल कम्पनी मे काम करने का सपना सजाया था, लेकिन उसी दौरान कौशाम्बी जिलाधिकारी अखंड प्रताप से मुलाक़ात हुई। उन्होंने कैक्टस प्रजाति के पौधे ड्रैगन फ्रूट्स के बारे में बताया। फिर किसान रविंद्र कुमार पाण्डेय ने उद्यान विभाग की मदद से 10 बिस्वा खेत मे कैक्टस प्रजाति का ड्रैगन फ्रूट की नर्सरी तैयार कराई। उसके बाद से किसान ज़िन्दगी बादल गयी। अब किसान ड्रैगन फ्रूट की खेती से प्रतिवर्ष लगभग 4 लाख का सालाना कमा रहे हैं।
किसान रविंद्र कुमार पाण्डेय ने बताया कि मेरा जन्म ही किसान परिवार मे हुवा है। मेरे पिता पारंपरिक किसी जैसे आलू, गेहूं, धान, की खेती कर रहे हैं। और मै बचपन से पिता जी को देख रहा हूँ की इन सभी फसलों की खेती कर रहे थे। वर्ष 2016 में कौशांबी के जिला अधिकारी अखंड प्रताप के द्वारा अखबारों में ड्रैगन फ्रूट के लिए विज्ञापन निकलवाये थे। उस विज्ञापन में कौशांबी जिले के किसानों को ड्रैगन फ्रूट की खेती करने के लिए बोला गया था। जिसके बाद रविंद्र कुमार पांडे ने जिलाधिकारी अखंड प्रताप एवं उद्यान विभाग मेवा लाल से मुलाकात की और जानकारी लेकर ड्रैगन फ्रूट की फार्मिंग शुरू कर दी.
रविंद्र कुमार पांडे ने ड्रैगन फ्रूट की खेती करके उत्तर प्रदेश के 40 जिलों में इसका प्रचार प्रसार भी कराया। किसान ने ड्रैगन फ्रूट की खेती से मध्य प्रदेश, उड़ीसा, ऐसे ही कई उन राज्यों में पौधे की कटिंग भेजकर किसानों को इस खेती करने के लिए सलाह भी दी और वहां पहुंचकर सभी की मदद भी की। इस समय वह सब किसान भी ड्रैगन फ्रूट की खेती कुशल तरीके से कर रहे हैं।
किसान अरविंद कुमार पांडे ने बताया कि ड्रैगन फ्रूट की खेती करने से मेरी आर्थिक स्थिति में काफी सुधार हुआ है। अन्य युवा किसानों के लिए भी यह संदेश दिया कि जो भी किसान प्राइवेट नौकरी करने की सोच रहे हैं, वह किसान अगर अपने खेतों में ड्रैगन फ्रूट की खेती कर लें, तो वह बाहर नौकरी करने से अच्छा है कि अपने घर पर ही रहकर लाखों की कमाई कर सकते हैं।