Uttar Pradesh

वेस्ट मटेरियल से 8वीं का छात्रा ने बना दिया पुरापाषाण कालीन स्थान, समझाया कैसा था हजारों साल पहले जीवन

Last Updated:February 07, 2026, 08:40 ISTAmethi news: कक्षा 8 में पढ़ने वाली इस छात्रा ने घर के बेकार सामान यानी ‘वेस्ट मटेरियल’ का इस्तेमाल कर हमें पहुँचा दिया है सीधे ‘पुरापाषाण काल’ में. आराध्या के इस अद्भुत मॉडल में आप देख सकते हैं कि कैसे हमारे पूर्वज गुफाओं में रहते थे, उनका खान-पान कैसा था और सबसे दिलचस्प बात यह भी है की बिना डॉक्टर और बिना आधुनिक दवाओं के वे जड़ी-बूटियों के दम पर कैसे खुद को तंदुरुस्त रखते थे.ख़बरें फटाफटअमेठी: कहते हैं हुनर किसी उम्र का मोहताज नहीं होता, और इसे सच कर दिखाया है अमेठी की आराध्या द्विवेदी ने. कक्षा 8 में पढ़ने वाली इस छात्रा ने घर के बेकार सामान यानी ‘वेस्ट मटेरियल’ का इस्तेमाल कर हमें पहुँचा दिया है सीधे ‘पुरापाषाण काल’ में. आराध्या के इस अद्भुत मॉडल में आप देख सकते हैं कि कैसे हमारे पूर्वज गुफाओं में रहते थे, उनका खान-पान कैसा था और सबसे दिलचस्प बात यह भी है की बिना डॉक्टर और बिना आधुनिक दवाओं के वे जड़ी-बूटियों के दम पर कैसे खुद को तंदुरुस्त रखते थे.

वेस्ट मटेरियल से बना दिया पुरापाषाण कालीन स्थान

गौरतलब हो कि आज के डिजिटल युग में जहाँ बच्चे मोबाइल की रंग बिरंगी दुनिया और फालतू कामों में खोए रहते हैं, वहीं अमेठी के एमजेएस स्कूल की कक्षा 8 की छात्रा आराध्या द्विवेदी  की यह कहानी है जहां आराध्या ने अपनी मेहनत और हुनर  से इतिहास को जीवंत कर दिया है. आराध्या बताती है कि उन्होनें घर के आसपास पडें  बेकार सामान का इस्तेमाल कर एक ऐसा प्रोजेक्ट तैयार किया है, जो हमें हजारों साल पीछे ‘पुरापाषाण काल’  की सैर कराता है.

​आराध्या ने लोकल 18 से खास बातचीत मे बताया की इस प्रोजेक्ट की सबसे खास बात यह है कि इसमें हमनें लोगों के रहन सहन उनका खान-पान और बीमार होनें पर वे बिना डाक्टर के सिर्फ जडी बूटी की मदद से कैसें स्वस्थ रहकर अपने आप को फिट रखतें थें उसे भी उन्होनें इसमें दर्शाया है

​पुराने जमाने में  गुफाओं और प्राकृतिक आश्रयों का ही सहारा

आराध्या बताती है की पुराने जमाने में लोगों के रहने के आश्रय के रूप में सिर्फ गुफा पहाड़ और प्राकृतिक पेड़ ही उनके रहने का सहारा थे.  आज डिजिटल युग है ऐसे में उन्होंने इस प्रोजेक्ट के जरिए यह सब समझाया है कि पहले लोगों के रहन-सहन खान पान में कितनी कठिनाई होती थी लोग उसे जान सके. उन्होंने बताया कि इतिहास को समझने और समझाने के लिए वे पहले भी कई प्रोजेक्ट्स बना चुकी हैं. जब उनसे उनके भविष्य के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने बड़े आत्मविश्वास के साथ कहा मेरा सपना एक वैज्ञानिक बनना है.  मैं शोध और नवाचार  के जरिए अपने देश की सेवा करना चाहती हूँ.About the AuthorRajneesh Kumar Yadavमैं रजनीश कुमार यादव, 2019 से पत्रकारिता से जुड़ा हूं. तीन वर्ष अमर उजाला में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया. तीन वर्षों से न्यूज18 डिजिटल (लोकल18) से जुड़ा हूं. ढाई वर्षों तक लोकल18 का रिपोर्टर रहा. महाकुंभ 2025 …और पढ़ेंLocation :Amethi,Sultanpur,Uttar PradeshFirst Published :February 07, 2026, 08:40 ISThomeuttar-pradeshवेस्ट मटेरियल से 8वीं का छात्रा ने बना दिया पुरापाषाण कालीन प्रोजेक्ट

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