खान-पान और वायरल संक्रमण पर किए गए एक शोध में यह दावा किया गया है कि शाकाहारी आबादी पर कोरोना वायरस समेत अन्य वायरल संक्रमण का जोखिम कम है. शोध के अनुसार, शाकाहारी आबादी पर वायरल संक्रमण का खतरा 39 फीसदी कम हो जाता है. वहीं, एक सप्ताह की अवधि में तीन बार से अधिक मांसाहारी भोजन करने वालों पर कोविड और वायरल संक्रमण का जोखिम अधिक है.
ब्राजील के साओ पाओलो यूनिवर्सिटी में किए गए इस शोध में 700 लोगों पर अध्ययन किया गया. इनमें से 424 मांसाहारी और 278 लोग शाकाहारी थे. शोधकर्ताओं ने इन लोगों के खाने के तरीके समेत रहन-सहन और बीमारियों से संबंधित सवाल पूछे. साथ ही कोरोना टीकाकरण को लेकर भी विस्तृत जानकारी ली गई.कोरोना की चपेट में आए थे मांसाहारीशोध में शामिल लोगों में से जो मांसाहारी थे वे कोरोना संक्रमण की चपेट में आए थे लेकिन जो शाकाहारी थे उनमे से कुछ ही लोगों को कोविड हुआ और वह इतना आंशिक था कि वे जल्दी ठीक भी हो गए थे. अध्ययन का मकसद खान-पान का तरीका किसी वायरल संक्रमण के जोखिम को किस तरह प्रभावि करता है यही पता लगाना था.
दाल और सब्जियों से बूस्ट होती है इम्यूनिटीशोध के अनुसार, जिन लोगों के डाइट में सब्जियां, दाल और मूंगफली है तो कोरोना वायरस और अन्य वायरल संक्रमण का जोखिम काफी हद तक कम हो जाता है. शोधकर्ताओं ने बताया कि शाकाहार में अधिक पोषक तत्व हैं, जो इम्यूनिटी को मजबूत बनाते हैं और वायरल संक्रमण से लड़ने में सहायक होते हैं. इसके अलावा शाकाहार में एंटीऑक्सीडेंट, फाइटोस्टेरोल और पॉलीफेनॉल अधिक होता है. इसका असर इम्यून सिस्टम से जुड़े सेल्स पर होता है. साथ ही यह सीधे तौर पर मनुष्य के शरीर में एंटीवायरल क्षमता को विकसित करता है.
शोधकर्ताओं का कहना है कि यह अध्ययन इस बात का प्रमाण है कि खान-पान मनुष्य के स्वास्थ्य को प्रभावित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. शाकाहारी आहार से प्रतिरक्षा प्रणाली मजबूत होती है, जिससे वायरल संक्रमण का खतरा कम हो जाता है.
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