हाइलाइट्सवाराणसी का स्वामीनाथ अखाड़ा 450 साल से ज्यादा पुराना है. पांच साल पहले इस अखाड़े में लड़कियों को प्रवेश मिला था. अभिषेक जायसवाल
वाराणसी. बाबा विश्वनाथ के शहर वाराणसी (Varanasi News) में 450 सालों से अधिक पुराने स्वामीनाथ अखाड़े (Swaminath Akhara) में अब बदली-बदली से तस्वीर देखने को मिल रही है. कभी जिस अखाड़े में लड़कियों का प्रवेश वर्जित था आज उसी अखाड़े में लड़कियां वर्जिश करने के साथ ही दंगल और कुश्ती का ककहरा भी सीख रही हैं.पांच साल पहले महिला सशक्तिकरण के लिए अखाड़े के प्रमुख विशम्भर नाथ मिश्रा ने इसकी शुरुआत की थी.
पांच सालों में इस अखाड़े से कई महिला पहलवान निकलकर कुश्ती के क्षेत्र में स्टेट और नेशलन लेवल तक खेलकर बनारस का नाम रोशन कर चुकी हैं. पांच साल पहले जब इस अखाड़े में महिलाओं को एंट्री मिली तो यहां प्रैक्टिस करने वाली लड़कियों को समाज के तानों का सामना करना पड़ा था, लेकिन जब महिलाओं ने यहां प्रैक्टिस के बाद मेडल जीता तो वही लोग प्रोत्साहित करने लगे.
हर रोज प्रैक्टिस करती हैं लड़कियांआज भी इस अखाड़े में आधा दर्जन लड़कियां आती हैं और हर रोज प्रैक्टिस करती हैं. अखाड़े में प्रैक्टिस करने वाली महिला पहलवान कशिश यादव ने बताया कि वो पढ़ाई के साथ यहां प्रैक्टिस कर लड़कों को पटखनी भी देती हैं. महिला पहलवान आस्था ने बताया कि इस अखाड़े में लकड़ियों को एंट्री देकर नया इतिहास रचा है.
गोस्वामी तुलसीदास ने की थी स्थापनास्वामी नाथ अखाड़े के प्रमुख विशम्भर नाथ मिश्रा ने बताया कि गोस्वामी तुलसीदास जी ने इस अखाड़े की स्थापना की थी. 450 सालों से यहां लड़कियों का प्रवेश वर्जित था, लेकिन पांच साल पहले इस अखाड़े का दरवाजा लड़कियों के लिए खुला तो कई नेशनल स्तर के प्लेयर भी निकले हैं.
ब्रेकिंग न्यूज़ हिंदी में सबसे पहले पढ़ें News18 हिंदी | आज की ताजा खबर, लाइव न्यूज अपडेट, पढ़ें सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट News18 हिंदी |Tags: Varanasi newsFIRST PUBLISHED : August 05, 2022, 11:07 IST
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