डॉ. डोरिलाल ने बताया कि वह आगरा में आंखों का इलाज करते थे. फिर उनको तकलीफ होने लगी, जब जांच कराया तो कैंसर की शिकायत सामने आई. बस उसी क्षण उन्होंने डॉक्टरी छोड़ दी और बचा हुआ जीवन भगवान की शरण में बिताने वृंदावन आ गए. यहां पर…
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प्रजावाणी ने विद्यार्थी की गुहार सुनी, भूमि अन्वेषण का आदेश दिया
करीमनगर: सोमवार को कॉलेक्टोरेट में आयोजित होने वाले सप्ताहिक शिकायत निवारण कार्यक्रम ‘प्रजावाणी’ में दो याचिकाओं ने तुरंत…

