India vs Australia: भारत के खिलाफ टेस्ट सीरीज जीतने के बाद ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों ने जोरदार जश्न मनाया. कंगारू टीम को 10 साल बाद भारत के खिलाफ सीरीज में जीत मिली है. सिडनी टेस्ट की दूसरी पारी में भारत के दिग्गज तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह ने बॉलिंग नहीं की. इसका फायदा ऑस्ट्रेलिया को मिला और पैट कमिंस की टीम के खिलाड़ियों को भी इस बात का अंदाजा है कि अगर बुमराह होते तो नतीजा कुछ भी हो सकता था.
‘अफसोस है कि वह चोटिल हो गए’
ऑस्ट्रेलिया के ओपनर उस्मान ख्वाजा ने कहा कि बुमराह उनके क्रिकेट करियर के सबसे कठिन गेंदबाज हैं, जिनका सामना उन्होंने किया है. बुमराह ने इस सीरीज में 5 मैचों में 32 विकेट लिए. उन्होंने ‘प्लेयर ऑफ द सीरीज’ का अवॉर्ड जीता. हालांकि, भारत 1-3 से सीरीज हार गया. ख्वाजा ने एबीसी स्पोर्ट से कहा, ”मुझे बस बुमराह का सामना करना पड़ रहा था. अफसोस है कि वह चोटिल हो गए, लेकिन हमारे लिए यह राहत की बात थी. आज के विकेट पर उनका सामना करना बुरा सपना होता. जब हमने देखा कि वह मैदान पर नहीं हैं, तो हमें लगा कि अब हमारे पास मौका है. वह सबसे कठिन गेंदबाज हैं जिनका मैंने सामना किया है.”
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पीठ की समस्या के कारण नहीं कर पाए बॉलिंग
ख्वाजा ने युवा बल्लेबाज सैम कोंस्टास के साथ बल्लेबाजी का अनुभव भी साझा किया. उन्होंने कहा, ”मैंने कभी किसी को इतना आत्मविश्वासी नहीं पाया. वह एक ऐसा इंसान है जो अपनी बात मुस्कान के साथ कहता है और यह काफी आकर्षक लगता है.” बुमराह के पीठ की समस्या के कारण तीसरे दिन गेंदबाजी नहीं करने पर ऑस्ट्रेलिया को बड़ी राहत मिली. बाएं हाथ के बल्लेबाज ट्रेविस हेड ने प्रसारकों से बातचीत में कहा, ”मुझे लगता है कि 15 लोग खुश थे कि बुमराह ने आज गेंदबाजी नहीं की. वह शानदार खिलाड़ी हैं और उनका प्रदर्शन अद्भुत था.”
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यह सीरीज काफी कठिन थी: हेड
हेड ने अपनी 34 रनों की नाबाद पारी और उस्मान ख्वाजा के साथ चौथे विकेट के लिए 46 रनों की साझेदारी के बारे में कहा, ”इस साझेदारी से मुझे भरोसा हो गया कि हम लक्ष्य तक आसानी से पहुंच जाएंगे. मैं परिणामों की ज्यादा चिंता नहीं करता. बस अच्छा योगदान देना चाहता था. यह सीरीज काफी कठिन थी. पांच टेस्ट खेलना बड़ा मुश्किल भरा रहा. जो खिलाड़ी सभी पांच टेस्ट खेले, वे अब आराम का इंतजार कर रहे होंगे.”
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