Uttar Pradesh

UP Police SI Exam 2026 | UP Police Sub Inspector Exam Review | दरोगा भर्ती परीक्षा | यूपी पुलिस पेपर एनालिसिस

UP Police SI Exam 2026: शाहजहांपुर समेत पूरे प्रदेश में शनिवार से ‘उत्तर प्रदेश पुलिस सब-इंस्पेक्टर (SI) भर्ती परीक्षा’ का धमाकेदार आगाज हुआ. 14 और 15 मार्च को होने वाली इस बड़ी परीक्षा के पहले दिन जिले के 13 केंद्रों पर करीब 18 हजार से ज्यादा अभ्यर्थियों ने अपनी किस्मत आजमा रहे हैं. सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों के बीच पहले दिन की परीक्षा देकर निकले अभ्यर्थियों ने पेपर को मिला-जुला बताया. जहां गणित और रीजनिंग के सवालों ने कुछ को उलझाया, वहीं हिंदी और बेसिक विषयों ने चेहरों पर मुस्कान बिखेरी दी. परीक्षा केंद्रों पर सेक्टर और स्टैटिक मजिस्ट्रेटों की पैनी नजर बनी हुई है ताकि चयन प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी रहे.

शाहजहांपुर में 13 केंद्रों पर सुरक्षा के कड़े पहरेयूपी पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा आयोजित इस परीक्षा को लेकर शाहजहांपुर जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद दिखा। जिले के 13 परीक्षा केंद्रों पर सेक्टर और स्टैटिक मजिस्ट्रेटों की पैनी नजर बनी रही। परीक्षा के दौरान पारदर्शिता बनाए रखने के लिए बायोमेट्रिक अटेंडेंस और सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की गई. पहले दिन की परीक्षा दो पालियों में संपन्न हुई, जिसमें हजारों युवाओं ने भाग लिया.

गणित ने छुड़ाए पसीने, हिंदी रही आसानपरीक्षा देकर बाहर निकले अभ्यर्थियों के अनुभव अलग-अलग रहे. लखीमपुर खीरी के गोला गोकर्णनाथ से आए आयुष कुमार ने लोकल 18 को बताया कि पेपर का स्तर मध्यम था. आयुष के मुताबिक, गणित के सवाल सामान्य थे, लेकिन सब कुछ कट-ऑफ और सफलता पूरी तरह से पेपर की शिफ्ट और नॉर्मलाइजेशन प्रक्रिया पर निर्भर करेगी.

वहीं, बरेली से आईं अंजलि ने एक अहम चुनौती का जिक्र किया. उन्होंने कहा, ‘पेपर तो ठीक था, लेकिन गणित और रीजनिंग के सवाल काफी लंबे थे, जिसकी वजह से समय कम पड़ गया.’ विजय शर्मा ने पेपर को बेहतरीन बताया, लेकिन उनके अनुसार गणित का सेक्शन थोड़ा कठिन था. कुल मिलाकर, छात्र परीक्षा की सुरक्षा और केंद्रों पर की गई व्यवस्थाओं से संतुष्ट नजर आए.

रीजनिंग और हिंदी ने बचाई लाजज्यादातर परीक्षार्थियों का मानना है कि इस बार हिंदी और रीजनिंग का सेक्शन काफी स्कोरिंग रहा. अभ्यर्थी मानसी गंगवार ने पेपर को बहुत आसान बताया. मानसी ने कहा कि हिंदी, गणित और रीजनिंग के सवाल काफी सरल और बेसिक थे. हालांकि, दिलचस्प बात यह रही कि हिंदी में वर्णमाला से कोई प्रश्न नहीं दिखा. रीजनिंग में कोडिंग-डिकोडिंग और ब्लड रिलेशन (रक्त संबंध) का दबदबा रहा. मानसी ने आने वाली शिफ्ट के छात्रों को सलाह दी है कि अगर उनके ‘बेसिक्स’ मजबूत हैं, तो वे आसानी से बाजी मार सकते हैं.

GS और नए कानूनों (BNS) का तड़काउत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती परीक्षा संपन्न होने के बाद केंद्र से बाहर निकले फर्रुखाबाद के अभय प्रताप ने पेपर का विश्लेषण करते हुए बताया कि सामान्य अध्ययन (GS) का हिस्सा थोड़ा पेचीदा था. वहीं, हरदोई के दिव्यांश ने एक जरूरी जानकारी साझा की कि परीक्षा में भारतीय न्याय संहिता (BNS) यानी नए कानूनों से जुड़े 4-5 प्रश्न पूछे गए थे. हालांकि, इतिहास और भूगोल से सवालों की संख्या उम्मीद से कम रही. कन्नौज के शिवम यादव ने बताया कि राजनीति विज्ञान और गणित के तालमेल ने पेपर को औसत दर्जे का बना दिया.

पारदर्शिता और व्यवस्था पर संतोषकन्नौज की छात्रा शैलेश और अन्य अभ्यर्थियों ने परीक्षा केंद्रों की व्यवस्था की जमकर तारीफ की. प्रशासन की सख्ती और चेकिंग प्रक्रिया से छात्र संतुष्ट दिखे. कुल मिलाकर, पहले दिन का रुझान यह बताता है कि जिन छात्रों ने टाइम मैनेजमेंट पर ध्यान दिया और बेसिक कॉन्सेप्ट्स क्लियर रखे, उनके लिए सब-इंस्पेक्टर बनने की राह आसान हो सकती है.

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