Uttar Pradesh

UP News: कभी जिसका नाम सुनते ही कांप उठते थे लोग, आज उसी डकैत की पुण्यतिथि पर लगता है विशाल भंडारा! आखिर क्यों?

Last Updated:July 22, 2025, 21:46 ISTChitrakoot Latest News: चित्रकूट के जंगलों में दस्यु सम्राट ददुआ की पुण्यतिथि पर विशाल भंडारे का आयोजन हुआ, जिसमें नेता और पूर्व मंत्री शामिल हुए. ददुआ के बेटे वीर सिंह पटेल हर साल इस आयोजन को करवाते हैं.हाइलाइट्सददुआ की पुण्यतिथि पर विशाल भंडारा आयोजित हुआ.ददुआ के बेटे वीर सिंह पटेल हर साल आयोजन करवाते हैं.चित्रकूट के पाठा क्षेत्र में 15-20 लाख लोगों को भोजन कराया जाता है.चित्रकूट (उत्तर प्रदेश): आपने अक्सर नेताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं या किसी नामी शख्सियत की पुण्यतिथि पर कार्यक्रम होते देखे होंगे. लेकिन चित्रकूट के जंगलों में कभी खौफ का दूसरा नाम रहे दस्यु सम्राट ददुआ की पुण्यतिथि आज भी उसी रौब के साथ मनाई जाती है, जैसा उनका जीवनकाल रहा. चित्रकूट के पाठा क्षेत्र में आज उनकी पुण्यतिथि पर विशाल भंडारे का आयोजन हुआ, जिसमें आम जनता से लेकर नेता और पूर्व मंत्री तक शामिल हुए.

2007 में हुई थी ददुआ की मौतददुआ कभी उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश की सीमाओं पर डकैत के रूप में कुख्यात थे. लेकिन पाठा के लोग उन्हें एक रॉबिनहुड की तरह आज भी याद करते हैं. 22 जुलाई 2007 को चित्रकूट में एसटीएफ के साथ मुठभेड़ में ददुआ मारा गया था. उसी स्थान के पास आज हर साल की तरह इस बार भी भंडारे का आयोजन हुआ. ददुआ के बेटे और पूर्व विधायक वीर सिंह पटेल हर साल इस आयोजन को करवाते हैं. बताया जाता है कि इस दिन लगभग 15 से 20 लाख लोगों को भोजन कराया जाता है.

चित्रकूट का पाठा क्षेत्र कभी ददुआ के डर से कांपता था. जंगलों में बैठकर वह नेता बनवाता था, चुनावों को प्रभावित करता था. लोग शाम ढलते ही घरों में बंद हो जाते थे. लेकिन आज वह इलाका डकैतों के आतंक से पूरी तरह मुक्त हो चुका है. अब वही इलाका पुण्यतिथि के आयोजनों और श्रद्धांजलि समारोहों का गवाह बन रहा है.

बेटे वीर सिंह ने कहाददुआ की पुण्यतिथि के अवसर पर उनके बेटे वीर सिंह पटेल ने कहा – “यह हमारा नैतिक कर्तव्य है कि हम अपने पूर्वजों को श्रद्धांजलि दें. मेरे पिता ने कभी किसी गरीब को परेशान नहीं किया. उन्होंने हमेशा गरीबों के हक की लड़ाई लड़ी. आज भी लोग उन्हें आदर और श्रद्धा से याद करते हैं.”

Location :Chitrakoot,Uttar Pradeshhomeuttar-pradeshजिस डकैत का नाम सुनते ही कांपते थे लोग, आज उसकी पुण्यतिथि पर होता है भंडारा…

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