उत्तर प्रदेश में गर्मी का सितम जारी, लू का संकेत
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में मार्च के पहले ही सप्ताह से गर्मी ने अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। प्रदेश में बीते कई दिनों से मौसम पूरी तरह शुष्क बना हुआ है और दिन में तेज धूप के कारण तपिश लगातार बढ़ रही है। इसका असर अब रात के तापमान पर भी साफ दिखने लगा है, जिससे लोगों को दिन के साथ-साथ रात में भी पसीने वाली गर्मी का अहसास होने लगा है। हालात यह हैं कि होली से पहले ही लोगों को घरों में पंखे, कूलर और एसी का सहारा लेना पड़ रहा है।
बुंदेलखंड में पारा 35 डिग्री के पार
बुंदेलखंड और दक्षिणी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस के आंकड़े को पार कर गया है। बांदा, झांसी, हमीरपुर और उरई समेत बुंदेलखंड के कई इलाकों में दोपहर की तेज धूप के कारण सड़कों पर सन्नाटा दिखने लगा है। मौसम विभाग के अनुसार, बृहस्पतिवार से पछुआ हवाओं की रफ्तार धीमी पड़ गई है, जिसकी वजह से आसमान साफ है और सूरज की किरणें सीधे तपिश बढ़ा रही हैं। अनुमान है कि अगले तीन दिनों में अधिकतम तापमान में करीब 3 डिग्री सेल्सियस तक की और वृद्धि हो सकती है।
लखनऊ में ‘वार्म नाइट’ जैसी स्थिति
राजधानी लखनऊ में भी पारा लगातार चढ़ रहा है। दोपहर की चुभती धूप के साथ-साथ अब रातें भी गर्म होने लगी हैं, जिसे मौसम की भाषा में ‘वार्म नाइट’ कहा जाता है। मौसम विभाग का कहना है कि मार्च के पहले सप्ताह के अंत से अधिकतम और न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की क्रमिक बढ़ोतरी शुरू हो सकती है। जानकारों के मुताबिक, इस बार सामान्य से अधिक तापमान रहने का दौर लंबा खिंच सकता है, जो आम जनजीवन के लिए चुनौतीपूर्ण होगा।
अप्रैल और मई में भीषण लू
मौसम विभाग के मुताबिक, इस साल ग्रीष्म ऋतु यानी मार्च, अप्रैल और मई के दौरान पूरे प्रदेश में गर्मी का जबरदस्त प्रकोप रहने की संभावना है। औसत अधिकतम तापमान सामान्य से 1 से 3 डिग्री और न्यूनतम तापमान 1 से 2 डिग्री सेल्सियस ज्यादा रह सकता है। इसके साथ ही मौसम विभाग ने अप्रैल और मई के दौरान पूर्वांचल और तराई के इलाकों में ‘लू’ (Heatwave) के दिनों की संख्या बढ़ने का अलर्ट भी जारी किया है।
मौसम वैज्ञानिक की बात
मौसम वैज्ञानिक मोहम्मद दानिश के अनुसार, अब पछुआ हवाओं का प्रभाव धीरे-धीरे कम हो रहा है और ला नीना का असर भी कमजोर पड़ने लगा है। इसके चलते आने वाले दिनों में गर्मी और बढ़ेगी। वहीं, जल्द ही पूर्वी हवाओं का आगमन होगा, जिससे हवा में नमी बढ़ेगी। नमी बढ़ने से उमस और असहजता भी बढ़ेगी, जिससे लोगों को वास्तविक तापमान से कहीं ज्यादा गर्मी महसूस होगी। ऐसे में स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने अभी से भरपूर पानी पीने और धूप से बचने की सलाह दी है।

