बारिश के बाद कौड़ियाला नदी अब भरथापुर गांव के लिए मुसीबत बनी हुई है. कौड़ियाला नदी का जलस्तर अब धीरे धीरे घटने लगा है, जिससे किसानों की धान की फसलें व जमीन नदी में समाती जा रही है. तेजी से हो रहे कटान से किसान परमानन्द की 15 बीघा जमीन, दीनानाथ की 12 बीघा, रामानंद यादव 4 बीघा, गुलजारी यादव की 5 बीघा, बैजनाथ की 3 बीघा, शिवानंद की 3 बीघा, बेचन की 12 बीघा, रामसरन की 8 बीघा, लक्ष्मी नारायण की 12 बीघा, आशा राम की 4 बीघा, मनोहर लाल वर्मा की 3 बीघा, मंसाराम की 5 बीघा, मुन्नीलाल की 9 बीघा, रामलखन की 7 बीघा, सतरोहन की 1 बीघा, सुगंती की 2 बीघा नदी की तेज कटान में समा गई है.
Source link
FY 27 में 4 प्रतिशत से अधिक बढ़ेगी मुद्रास्फीति, आर्थिक वृद्धि दर 6.5 प्रतिशत तक आसान हो जाएगी।
चेन्नई: पश्चिम एशिया संकट के कारण ईंधन की कीमतें और उपलब्धता प्रभावित हो रही हैं, जिसके कारण सीपीआई…

