नई दिल्ली. अवैध धर्मांतरण के मामले (Illegal Conversion Case) में उत्तर प्रदेश एटीएस (UP ATS) की टीम राजधानी दिल्ली के शाहीन बाग इलाके में पहुंच कर मंगलवार को छापेमारी की. यूपी एटीएस के सूत्रों के मुताबिक या छापेमारी मौलाना कलीम सिद्दीकी के शाहीनबाग के एफ ब्लॉक में स्थित आवास सहित अन्य ठिकानों पर की गई. इस छापेमारी की प्रक्रिया को अंजाम देने से पहले कोर्ट से औपचारिक तौर पर अनुमति ली गई. उसके बाद गिरफ्तार हो चुके आरोपी कलीम सिद्दीकी के आवास, दफ्तर सहित उससे जुड़े लोगों के ठिकानों पर सर्च ऑपरेशन के मामले को अंजाम दिया गया.
एटीएस सूत्रों के मुताबिक छापेमारी के दौरान टीम को कई महत्वपूर्ण सबूतों के साथ साथ कई दस्तावेज, बैंक से संबंधित दस्तावेज, कई इलेक्ट्रॉनिक सबूतों को इकट्ठा किया गया. इन्हें जप्त करने के बाद एटीएस की टीम अपने साथ लेकर गई. यूपी एटीएस की टीम धर्मांतरण से जुड़े मसले पर हुए विदेशी फंडिंग से संबंधित मामलों की तफ्तीश कर रही है, लिहाजा इसी बात के मद्देनजर मंगलवार सुबह करीब 9 बजे ही एटीएस की टीम छापेमारी करने पहुंच गई थी. यूपी ATS की टीम तमाम लोकेशन पर करीब दो घंटे रहने के बाद मौके से रवाना हो गई. एटीएस की टीम दिल्ली एनसीआर में काफी सतर्कता से अभी भी कई आरोपियों पर अपनी नजर बनाए हुए है.
ATS के साथ ED भी कर रही है धर्मांतरण मामले में फंडिंग की जांच
धर्मांतरण के मामले पर उत्तर प्रदेश एटीएस की टीम ने इसी साल जून महीने में एक बड़े रैकेट का पर्दाफाश किया था. उमर गौतम सहित गिरफ्तार अन्य आरोपियों जिस पर धर्मांतरण कराने का आरोप लगा था. उसका कनेक्शन सीधे तौर पर उमर गौतम और उसकी संस्था से जुड़ा हुआ था. इस मामले में शुरुवाती कार्रवाई करते हुए एटीएस की टीम ने मौलाना उमर गौतम सहित मुफ्ती काजी जहांगीर कासमी नाम के आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था, जो पिछले कुछ सालों से काफी लोगों का धर्मांतरण करवा चुकी है. मौलाना उमर गौतम से हुई पूछताछ में अब तक कई खुलासे हो चुके हैं, लिहाजा इस मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्रीय जांच एजेंसी ईडी (ED ) ने भी इस केस को मनी लांड्रिंग एक्ट (PMLA ) के तहत दर्ज किया था. उसके बाद दिल्ली के जामिया नगर इलाके में छापेमारी की प्रक्रिया को अंजाम दिया था.
जांच एजेंसी ईडी की तफ्तीश में 1000 ऐसे लोगों के बारे में जानकारी मिली थी जिसका धर्मांतरण करवाया गया था, इसके साथ ही कई दर्जन बैंक अकाउंट और उससे संबंधित संदिग्ध लेनदेन के बारे में जानकारी मिली थी जिसे अभी भी खंगाला जा रहा है. जांच एजेंसी को यह भी जानकारी मिली थी कि धर्मांतरण का खेल सिर्फ उत्तर प्रदेश में नहीं बल्कि देश के कई राज्यों में इसके तार फैले हुए हैं. इस मामले में आगे की कार्रवाई को अंजाम देते हुए यूपी एटीएस ने 21 सितंबर को मौलाना कलीम सिद्दीकी को गिरफ्तार किया गया था. उसके बाद मोहम्मद सलीम मोहम्मद इदरीश और कुणाल अशोक चौधरी उर्फ आतिफ को गिरफ्तार किया गया. गिरफ्तारी के बाद पूछताछ के दौरान आरोपी मोहम्मद इदरीश ने और मोहम्मद सलीम ने इस बात को स्वीकार किया कि- वह उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर इलाके का रहने वाला है और गिरफ्तार एक अन्य आरोपी मौलाना सिद्दीकी व महाराष्ट्र के नासिक का रहने वाला है. इस धर्मांतरण से जुड़े मुहिम में वो उमर गौतम से जुड़ा हुआ था. हालांकि जांच एजेंसी और यूपी एटीएस की टीम अब आगे की तफ़्तीश को बेहद सतर्कता और सबूतों के आधार पर कार्रवाई को अंजाम देने में जुटी हुई है.पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.
Source link
Rajya Sabha Passes Jan Vishwas Amendment Bill
New Delhi : The Jan Vishwas (Amendment of Provisions) Bill, 2026, was passed by the Rajya Sabha on…

