Pregnancy mistakes: प्रेग्नेंसी के दौरान डॉक्टर महिलाओं को बहुत अधिक सावधानी बरतने की सलाह देते हैं, ताकि बच्चे की सेहत पर कोई गलत प्रभाव न पड़े. अब ऑस्ट्रिया के शोधकर्ताओं ने दावा किया है कि गर्भावस्था के दौरान महिला द्वारा सप्ताह में एक बार भी शराब का सेवन बच्चे के दिमाग की संरचना को बदल सकता है.
शोध के अनुसार, गर्भावस्था के दौरान सप्ताह में सिर्फ एक गिलास शराब का सेवन बच्चे के ब्रेन के आकार को बदलने के लिए पर्याप्त है. जन्म से पहले शराब की कम मात्रा के संपर्क में आने वाले शिशुओं में उथला दायां सुपिरियर टेम्पोरल सल्कस (एसटीएस) प्रभावित होता है, जिससे उनके महसूस करने और भाषा सीखने की क्षमता प्रभावित होती है.ब्रेन की मैच्योरिटी में देरी होगीशोधकर्ताओं ने महिलाओं से गर्भावस्था के दौरान पूरी तरह से शराब से बचने का अपील की है. वियना के मेडिकल यूनिवर्सिटी के न्यूरोलॉजिस्ट और अध्ययन के प्रमुख लेखक डॉ. पैट्रिक किनास्ट ने बताया कि गर्भवती महिलाओं को शराब सेवन से बचना चाहिए. उन्होंने कहा कि शराब के कम सेवन से भी ब्रेन के विकास में संरचनात्मक परिवर्तन हो सकते हैं और मस्तिष्क की मैच्योरिटी में भी देरी हो सकती है.
सेल्स भी होती हैं प्रभावितडॉ. किनास्ट ने बताया कि दुर्भाग्य से कई गर्भवती महिलाएं गर्भावस्था के दौरान भ्रूण पर शराब के प्रभाव से अनजान होती हैं. शराब बच्चों के दिमाग को कैसे नुकसान पहुंचाती है, यह वैज्ञानिकों के लिए स्पष्ट नहीं है. शराब सेल्स की संरचना को बदल देता है, मायेलिनेशन को कम करता है. शराब पीने से बच्चों की सुरक्षात्मक कोटिंग प्रक्रिया और उनकी सेल्स भी प्रभावित होती हैं. शोधकर्ताओं ने बताया कि जन्म से पहले विकास के दो चरण होते हैं ‘पहला भ्रूणीय चरण’ जिसमें विकास के पहले आठ सप्ताह शामिल होते हैं. जब अंग बनने शुरू होते हैं. इस समय शराब पीने से कोशिकाओं पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है, जिससे जन्म दोष और गर्भपात तक हो सकता है.
जन्म के बाद टेस्ट करने की योजनाडॉ. किनास्ट ने जन्म के बाद आगे के स्कैन के लिए शिशुओं का परीक्षण करने की योजना बनाई है. अब वह यह पता लगाएंगे कि शराब ने उनके विकास को कैसे प्रभावित किया. रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्र (सीडीसी) का कहना है कि गर्भवती माताओं को शराब से पूरी तरह बचना चाहिए.
Disclaimer: प्रिय पाठक, हमारी यह खबर पढ़ने के लिए शुक्रिया. यह खबर आपको केवल जागरूक करने के मकसद से लिखी गई है. हमने इसको लिखने में घरेलू नुस्खों और सामान्य जानकारियों की मदद ली है. आप कहीं भी कुछ भी अपनी सेहत से जुड़ा पढ़ें तो उसे अपनाने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें.
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