मेरठ पुलिस का विवादास्पद ऑडियो: डीएसपी सौम्या अस्थाना ने पत्रकारों को लेकर दिया था निर्देश
मेरठ पुलिस गलत वजहों से सुर्खियों में है. यहां थाने के अंदर वीडियो बनाने को लेकर विवाद सामने आया है. मेरठ की डीएसपी सौम्या अस्थाना का एक ऑडियो वायरल हुआ है, जिसमें वे कहती सुनाई दे रही हैं कि थाने में वीडियो बनाने वाले पर मुकदमा दर्ज करें.
डीएसपी सौम्या अस्थाना का 29 सेकंड का ऑडियो वायरल होते ही पुलिस महकमा बैकफुट पर आ गया. एसएसपी अविनाश पांडेय को इस पर सफाई देनी पड़ी, जिसमें उन्होंने कहा कि डीएसपी सौम्या के निर्देश पत्रकारों के लिए नहीं थे. यह कुछ पोर्टल चलाने वालों के लिए कहा गया था. कानूनी तौर पर थाना निषिद्ध स्थान नहीं है. थानों में मीडिया की ओर से वीडियो बनाने पर कोई रोक नहीं है।
ब्रह्मपुरी की क्षेत्राधिकारी सौम्या अस्थाना का ये ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. इसमें वह अपने अधीनस्थों को निर्देश देती सुनाई दे रही हैं कि अगर कोई पत्रकार थाने के अंदर वीडियोग्राफी करता है, तो तुरंत मुकदमा लिखा जाए.
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) अविनाश पांडेय ने अपने स्पष्टीकरण में कहा कि यह निर्देश पत्रकारों के लिए नहीं था, बल्कि उन “पोर्टल वालों” के संदर्भ में दिया गया था, जो अनावश्यक वीडियो बना रहे थे. मीडिया के लिए ऐसा कोई प्रतिबंध नहीं है।
क्या कहता है कानून? कानून के हिसाब से पुलिस थाने में मीडिया की ओर से वीडियो रिकॉर्डिंग को आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम (OSA) 1923 का उल्लंघन नहीं माना जाता है. अदालतों ने भी स्पष्ट किया है कि पुलिस थाने धारा 2(8) के तहत “निषिद्ध स्थान” की श्रेणी में नहीं आते हैं. हां, इसका ध्यान रखें कि रिकॉर्डिंग से अधिकारियों के काम में कोई बाधा न पहुंचे. इस मामले में डीएसपी सौम्या अस्थाना की ओर से फिलहाल कोई सफाई नहीं आई है.

