ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बॉर्डर गावस्कर टेस्ट सीरीज के लिए भारतीय टेस्ट टीम में तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी की एंट्री कब होगी, इस पल का फैंस को बेसब्री से इंतजार है. एक रिपोर्ट के अनुसार मोहम्मद शमी के पास सेलेक्टर्स को मनाने के लिए एक सप्ताह से भी कम समय बचा है. चोट के कारण लंबे समय तक बाहर रहने के बाद हाल ही में प्रतिस्पर्धी क्रिकेट में वापसी करने वाले मोहम्मद शमी पर BCCI की मेडिकल टीम कड़ी निगरानी रख रही है. बंगाल के लिए रणजी ट्रॉफी मैच में मोहम्मद शमी का प्रदर्शन अच्छा रहा था.
मोहम्मद शमी के सामने बड़ा चैलेंज
मोहम्मद शमी की फिटनेस पर आखिरी फैसला सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी (SMAT) टी20 टूर्नामेंट के प्रदर्शन के आधार पर किया जाएगा. यह भी बात सामने आई है कि मोहम्मद शमी को कुछ वजन कम करने के अलावा पूर्ण फिटनेस हासिल करनी होगी. अगर मोहम्मद शमी की रिकवरी पूरी तरह से प्लान के मुताबिक होती है, तो वह 14 दिसंबर से ब्रिस्बेन में शुरू होने वाले तीसरे टेस्ट में खेल सकते हैं. मोहम्मद शमी की गैरमजूदगी में टीम इंडिया ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पर्थ में खेले गए पहले टेस्ट में अच्छा प्रदर्शन किया था.
BCCI ने दी सख्त डेडलाइन
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पर्थ में खेले गए पहले टेस्ट में स्टैंड-इन कप्तान और तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह ने 8 विकेट लिए थे. मोहम्मद सिराज ने 5 और डेब्यू करने वाले हर्षित राणा ने 4 विकेट झटके थे, जिससे भारत ने 295 रनों से मैच जीता. टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार बीसीसीआई के एक सूत्र ने कहा, ‘यह देखना होगा कि वह बीसीसीआई की मेडिकल टीम पर मोहम्मद शमी को कब हरी झंडी देती है. मेडिकल टीम का मानना है कि जैसे-जैसे मोहम्मद शमी मैच खेलते रहेंगे, उनका वजन कम होता जाएगा, जिससे उनकी सहनशक्ति मजबूत होगी. चूंकि रणजी ट्रॉफी चरण समाप्त हो चुका है, इसलिए सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी (SMAT) मैचों के पहले दौर को अस्थायी तौर पर रखा गया है.’
वापसी के लिए जल्दबाजी नहीं की जाएगी
रिपोर्ट के अनुसार, बीसीसीआई के खेल विज्ञान प्रमुख नितिन पटेल और राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी (NCA) के ट्रेनर निशांत बोरदोलोई बंगाल टीम के साथ शमी के ट्रेनिंग और रिकवरी रूटीन के प्रभारी हैं. सैयद मुश्ताक अली टी20 ट्रॉफी (SMAT) में शमी के मैच 23 नवंबर को शुरू हुए थे, जब उनके पास अपनी फिटनेस साबित करने के लिए 10 दिन का समय था. रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि फरवरी में होने वाली आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी को ध्यान में रखते हुए शमी को क्रिकेट में वापसी के लिए जल्दबाजी नहीं की जाएगी.
चयनकर्ता चैंपियंस ट्रॉफी को लेकर भी चिंतित
सूत्र ने कहा, ‘सैयद मुश्ताक अली टी20 ट्रॉफी (SMAT) में टी20 मैचों में दो ओवर की गेंदबाजी करना आदर्श पैरामीटर नहीं है. हाई-प्रोफाइल टेस्ट सीरीज में तीव्रता बनाए रखना एक अलग तरह का खेल है. अगर वह एसएमएटी चुनौती को पार कर जाता है तो उसे टीम इंडिया के साथ ट्रेनिंग के लिए भेजा जा सकता है, लेकिन उसे खिलाना एक अच्छा फैसला होगा. चयनकर्ता फरवरी में होने वाली चैंपियंस ट्रॉफी को लेकर भी चिंतित हैं.’
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