भारत के पूर्व क्रिकेटर दिलीप वेंगसरकर ने टीम इंडिया की वर्कलोड मैनेजमेंट पॉलिसी की कड़ी आलोचना की है. दिलीप वेंगसरकर ने जसप्रीत बुमराह को आराम देने के फैसले पर भी सवाल उठाए हैं. जसप्रीत बुमराह को वर्कलोड मैनेजमेंट के तहत इंग्लैंड के खिलाफ अगले दो टेस्ट मैचों में से किसी एक में आराम दिया जा सकता है. जसप्रीत बुमराह को इससे पहले बर्मिंघम में हुए दूसरे टेस्ट मैच में आराम दिया गया था. इसके बाद कुछ क्रिकेट एक्सपर्ट्स ने जसप्रीत बुमराह की फिटनेस को लेकर सवाल उठाए थे. वहीं, अब एक बार फिर से जसप्रीत बुमराह को आराम दिए जाने की खबरें सामने आ रही है.
‘मैच छोड़ने का कोई कारण नहीं’
ऐसी अटकलें लगाई जा रही हैं कि वर्कलोड मैनेजमेंट के तहत जसप्रीत बुमराह को चौथे टेस्ट से भी आराम दिया जा सकता है. पूर्व भारतीय कप्तान और चयन समिति के पूर्व अध्यक्ष दिलीप वेंगसरकर का मानना है कि जब तक कोई खिलाड़ी चोटिल न हो, तब तक स्वेच्छा से मैच छोड़ने का कोई कारण नहीं है, खासकर बुमराह जैसे खिलाड़ी को. रेवस्पोर्ट्ज़ को दिए एक इंटरव्यू में दिलीप वेंगसरकर ने जसप्रीत बुमराह के विश्वस्तरीय गेंदबाज होने की बात स्वीकार की, लेकिन गेंदबाजों द्वारा ‘चुन-चुनकर मैच’ चुनने के विचार के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया.
मैनचेस्टर में बुमराह की उपलब्धता को लेकर सवाल
दिलीप वेंगसरकर की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब जसप्रीत बुमराह को पहले टेस्ट के बाद एक हफ्ते के ब्रेक के बावजूद दूसरे टेस्ट के लिए आराम दिया गया है. मैनचेस्टर में होने वाले चौथे टेस्ट के लिए भी जसप्रीत बुमराह की उपलब्धता को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है. दिलीप वेंगसरकर ने कहा, ‘मैं गेंदबाजों द्वारा टेस्ट मैचों को चुनने के पक्ष में नहीं हूं. अगर आप फिट और उपलब्ध हैं, तो आपको अपने देश के लिए सभी मैच खेलने चाहिए.’
‘ऐसी नीति को बर्दाश्त नहीं किया जाता’
दिलीप वेंगसरकर ने आगे कहा, ‘बुमराह एक विश्वस्तरीय गेंदबाज हैं और वह भारत के लिए मैच जीत सकते हैं, लेकिन एक बार जब आप दौरे पर होते हैं, तो आपको हर मैच खेलना होता है. व्यक्तिगत पसंद के आधार पर मैच चुनने का कोई सवाल ही नहीं उठता.’ दिलीप वेंगसरकर ने आगे कहा कि उनके कार्यकाल के दौरान ऐसी नीति को बर्दाश्त नहीं किया जाता. उन्होंने दूसरे टेस्ट मैच से बुमराह को बाहर रखने के औचित्य की कमी की ओर इशारा किया, खासकर जब मैचों के बीच काफी लंबा अंतराल हो.’
‘भारत के लिए खेलना जरूरी’
दिलीप वेंगसरकर ने कहा, ‘भारत के लिए खेलना जरूरी है, और अगर आप अनफिट हैं, तो बिल्कुल न खेलें. पहले टेस्ट मैच के बाद उन्हें लगभग 7-8 दिन का गैप मिला था, लेकिन फिर भी उन्हें दूसरे टेस्ट के लिए शामिल नहीं किया गया, जो स्वीकार्य नहीं था. शायद अजीत अगरकर और गौतम गंभीर के लिए यह स्वीकार्य था.’
पूर्व खिलाड़ियों और एक्सपर्ट्स के बीच बहस
जसप्रीत बुमराह के वर्कलोड और फिटनेस मैनेजमेंट ने पूर्व खिलाड़ियों और एक्सपर्ट्स के बीच बहस छेड़ दी है. चोटों के उनके इतिहास को देखते हुए, मैनेजमेंट कई टेस्ट सीरीज में उनके इस्तेमाल को लेकर सतर्क रहा है. हालांकि, उनकी अनुपस्थिति में टीम के प्रदर्शन ने इस नीति को नए सिरे से जांच के दायरे में ला दिया है. दुनिया के टॉप तेज गेंदबाजों में से एक होने के बावजूद, भारत की मैच जीतने में असमर्थता चर्चा का विषय रही है. शुभमन गिल अभी भी टेस्ट कप्तानी की जरूरतों के हिसाब से ढल रहे हैं, ऐसे में दिलीप वेंगसरकर की टिप्पणी एक व्यापक चिंता को उजागर करती है कि क्या टीम अपने संसाधनों का सही इस्तेमाल कर रही है.
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