Uttar Pradesh

स्वास्थ्य, शिक्षा की उपलब्धि का रहा संगम​, बढा अपराध का ग्राफ, जाने कैसा रहा अमेठी के लिए 2025, नए साल से लोगों को क्या है उम्मीद

अमेठी: साल 2025 विदा हो रहा है और नया साल 2026 दस्तक दे रहा है.  अमेठी के लिए बीता साल खट्टी-मीठी यादों और मिले-जुले परिणामों वाला रहा.  जहाँ एक ओर शिक्षा और कृषि के क्षेत्र में जिले ने नई ऊंचाइयों को छुआ, वहीं कानून व्यवस्था, रोजगार और बुनियादी ढांचे को लेकर जनता के मन में कई सवाल और कसक बाकी रह गई है.

चुनौतियों भरा रहा साल,​ बढा अपराध का ग्राफ

जिले में प्रमुख व्यवस्था जिले की कानून व्यवस्था होती है वर्ष 2025 में अमेठी की कानून व्यवस्था चर्चा का विषय बनी रही. कई ऐसे संवेदनशील मामले सामने आए जिन्होंने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान खड़े किए.  हालांकि, पुलिस विभाग के लिए अच्छी खबर यह रही कि जिले को नई पुलिस लाइन और जिला जेल की सौगात मिली, जिससे आने वाले समय में पुलिसिंग और सुरक्षा व्यवस्था में सुधार की उम्मीद जगी है.

जिले के युवाओं के लिए रोजगार का मुद्दा सबसे बड़ा रहा साल भर में किसी भी नए बड़े कारखाने की स्थापना नहीं हुई.  इतना ही नहीं, जो पुराने कारखाने लंबे समय से बंद पड़े हैं, उन्हें दोबारा शुरू करने की दिशा में भी कोई ठोस प्रगति नहीं देखी गई. जिले में ‘रोजगार शून्य’ की स्थिति ने युवाओं को पलायन के लिए मजबूर किया है.

स्वास्थ्य और शिक्षा की उपलब्धि का रहा संगम​

स्वास्थ सेवाओं के क्षेत्र में तिलोई मेडिकल कॉलेज और जगदीशपुर ट्रामा सेंटर जिले के लिए बड़ी उपलब्धि माने जा रहे हैं. हालांकि मेडिकल कॉलेज में अभी पठन-पाठन और पूर्ण सेवाएं शुरू नहीं हुई हैं, लेकिन 2026 में इसके विधिवत संचालन की प्रबल उम्मीद है. इसके साथ ही जिले में आधुनिक मशीनों को जिला अस्पताल में स्थापित किया गया जिससे मरीजों को थोड़ी राहत हुई.

अमेठी की शिक्षा में होनहारों ने जिले का मान बढ़ाया. कई स्कूली बच्चों ने अपने इनोवेटिव मॉडल्स को मंडल स्तर तक पहुँचाया और विभाग का नाम रोशन किया.  शिक्षा के क्षेत्र में जिले की प्रतिभाओं ने अपनी मेहनत से सफलता के नए आयाम स्थापित किए.

15 साल बाद भी बस अड्डे का इंतजार

परिवाहन के मामले में अमेठी जिला मुख्यालय अभी भी उपेक्षित महसूस कर रहा है. जिला मुख्यालय के रेलवे स्टेशन पर कई प्रमुख ट्रेनों का ठहराव न होने से यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा. सबसे ज्यादा निराशा बस अड्डे को लेकर रही 15 साल बीत जाने के बाद भी मुख्यालय को अपना बस डिपो नहीं मिल सका है. हालांकि जमीन चिन्हित हो चुकी है, लेकिन निर्माण कार्य शुरू न होना जनता के बीच चर्चा का विषय है.

कृषि क्षेत्र भी  प्रमुख माना जाता है ऐसे मे जिले के किसानों ने कृषक क्षेत्र में भी नई राह दिखाई.  किसानों ने पारंपरिक खेती से हटकर ऑर्गेनिक खेती, फलों, फूलों और सब्जियों के उत्पादन में बेहतरीन काम किया है. नई तकनीकों को अपनाकर अमेठी के किसानों ने न केवल अपनी आय बढ़ाई, बल्कि कृषि के क्षेत्र में जिले को एक नई पहचान भी दी.

2026 में किस  विकास की उम्मीद

लोकल 18 से बातचीत में स्थानीय लोगों ने अपनी प्रक्रिया दी. सुशील कुमार तिवारी ने कहा कि 2025 में विकास की गति वैसी नहीं रही जैसी उम्मीद थी. कानून व्यवस्था शुरू में तो अच्छी रही लेकिन जाते-जाते दिसंबर ने इतने दर्द दिये की बताना मुश्किल है. विकास की कमी अमेठी में है और उसे 2026 में पूरा होने की उम्मीद हम सबको है.

रोजगार में हों वृद्धि 2025 से अब तक शून्य  रहा रोजगार

वही एक युवा ने कहा कि रोजगार के क्षेत्र में अमेठी शून्य स्थान पर है ना तो रोजगार के लिए कोई पुराने कारखाने संचालित हुए ना ही नए कारखाने की कोई आस दिख रही है 2026 में रोजगार के क्षेत्र में कुछ काम हो तो युवाओं के लिए बेहतर होगा. और उन्हें जिस से फायदा हो उसे काम को भी करना चाहिए इसके अलावा परीक्षा की पारदर्शिता को लेकर भी युवा ने सवाल उठाया कहा कि पेपर तो होते हैं लेकिन बार-बार परीक्षा रद्द करना पेपर लीक हो जाना इस पर बेहतर ठोस कदम उठाए जाने चाहिए . वहीं एक और युवा ने कहा की परिवहन के क्षेत्र में काम होना परिवहन के क्षेत्र में कम होना चाहिए जो ट्रेन रद्द है उन्हें पुनं संचालित करना चाहिए  इसके अलावा बसों की संख्या में वृद्धि होनी चाहिई जिससे आवागमन और यातायत सुलभ हो सके.

वहीं वरिष्ठ अधिवक्ता सूर्य प्रकाश त्रिपाठी ने कहा कि 2025  में अमेठी में अमेठी में दीवानी न्यायालय अब तक नहीं शुरू हो सका जिसे शुरू होना चाहिए इसके अलावा विकास काम में जनता के जुड़े काम पूरे होने चाहिए जनता की जो शिकायतें हैं उसके निस्तारण समय पर हो इसके अलावा अन्य काम भी बेहतर होना चाहिए जो जिले के विकास कार्य को ऊंचाई तक पहुंचाएं.

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