Uttar Pradesh

स्वास्थ्य, इंफ्रास्ट्रक्चर और AI पर जोर

नोएडा. केंद्रीय बजट 2026-27 को लेकर नोएडा में हर तबके की अपनी-अपनी राय सामने आई है, लेकिन एक बात पर लगभग सभी सहमत दिखे कि यह बजट शिक्षा, स्वास्थ्य, इंफ्रास्ट्रक्चर और आधुनिक तकनीक के लिहाज़ से भविष्य की तैयारी करता नज़र आता है. नोएडा के अलग-अलग सेक्टरों में रहने वाले इंजीनियर, छात्र, किसान परिवारों से जुड़े लोग और प्रोफेशनल्स से बातचीत में सामने आया कि सरकार ने AI, डेटा सेंटर, कौशल विकास और स्वास्थ्य ढांचे पर जिस तरह फोकस किया है, वह ज़मीनी ज़रूरतों से जुड़ा है. हालांकि, शिक्षा बजट को लेकर कुछ सवाल भी उठे हैं.

इस सेक्टर के लिए थी बड़ी उम्मीदें, वो नहीं रहा बजट में

नोएडा निवासी विकास झा, जोकि किसान परिवार से आते हैं और पेशे से इंजीनियर हैं, मानते हैं कि किसानों की आय बढ़ाने, कौशल विकास और आधुनिक सेक्टर को बढ़ावा देने की मंशा साफ दिखती है. उनका कहना है कि किसान, इंफ्रास्ट्रक्चर और स्वास्थ्य के लिए यह बजट अच्छा है. लेकिन साथ ही उन्होंने यह भी जोड़ा कि भारत जैसे देश में शिक्षा पर अभी और ज़्यादा निवेश की आवश्यकता है. विदेशों में जिस तरह शिक्षा सेक्टर को प्राथमिकता दी जाती है, वैसा यहां क्यों नहीं? उन्होंने बुजुर्गों के लिए केयर फंड बढ़ाने की मांग भी उठाई, जो इस बजट में साफ तौर पर दिखाई नहीं देती.

इससे देश बढ़ेगा आगे

वहीं, निहारिका और अभिषेक का मानना है कि सरकार ने ज़रूरी सेक्टरों को सही समय पर पकड़ा है. उनके मुताबिक, इंफ्रास्ट्रक्चर, रेल कॉरिडोर और स्वास्थ्य पर जोर देना आज की मांग थी. जिला अस्पतालों को 50 प्रतिशत तक अपग्रेड करने और देश में आयुर्वेदिक एम्स बनाने की घोषणा को उन्होंने गेम-चेंजर बताया. उनका कहना है कि इससे छोटे शहरों और जिलों में स्वास्थ्य सुविधाएं बेहतर होंगी और लोगों को बड़े शहरों की ओर भागना नहीं पड़ेगा. चाहे बात जिला अस्पतालों के अपग्रेड की हो या आयुर्वेदिक एम्स बनाने और नए कॉरिडोर की, यह सभी पहलें सकारात्मक हैं.

AI और डेटा सेंटर के चलते खुश दिखे छात्र

छात्र वर्ग में भी बजट को लेकर सकारात्मक माहौल देखा गया, छात्र मेधांश सेठ ने इस बजट को कौशल विकास, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डेटा सेंटर के लिहाज़ से सराहनीय बताया. उनका कहना है कि AI और डेटा सेंटर पर फोकस का मतलब है कि आने वाले समय में युवाओं के लिए नए तरह की नौकरियों और स्किल्स की मांग बढ़ेगी. लखपति दीदी योजना के साथ-साथ स्किल डेवलपमेंट को बढ़ावा देने की बात भी उन्हें सही दिशा में कदम लगी.

टैक्सपेयर में नहीं मिली खास राहत

इन सभी ने कहा कि आम आदमी की जेब के लिहाज़ से टैक्स से जुड़े फैसले भी चर्चा में रहे. 1 अप्रैल से नया इनकम टैक्स एक्ट लागू होगा, जिससे फॉर्म भरना आसान होगा और नियमों की समीक्षा पूरी हो चुकी है. टैक्स रिटर्न भरने के लिए अब 31 मार्च तक का समय मिलेगा. विदेश यात्रा और स्वास्थ्य-शिक्षा पर TCS घटाकर 2 प्रतिशत कर दिया गया है, जिससे बाहर पढ़ाई या इलाज कराने वालों को राहत मिलेगी. वहीं, NRI के लिए प्रॉपर्टी लेन-देन में नए TDS नियम लागू किए गए हैं, लेकिन TAN की बाध्यता हटा दी गई है.

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