Last Updated:January 20, 2026, 19:16 ISTPrayagraj Magh Mela 2026 Live: देश के सबसे बड़े धार्मिक और सांस्कृतिक समागम ‘माघ मेला 2026’ में मौनी अमावस्या के पावन पर्व पर आस्था का ऐसा विराट दृश्य देखने को मिला, जिसने इतिहास के तमाम पुराने रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए. रविवार को त्रिवेणी की रेती पर भक्ति का ऐसा सैलाब उमड़ा कि जिधर नजर गई, उधर केवल श्रद्धालु ही नजर आए. आंकड़ों के मुताबिक, इस वर्ष मौनी अमावस्या पर करीब 5 करोड़ श्रद्धालुओं ने संगम में पुण्य की डुबकी लगाई. यह संख्या प्रशासन के अनुमानों से कहीं अधिक रही. पढ़ें पूरी रिपोर्ट…
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के शिविर के बाहर मारपीटस्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के शिविर के बाहर जमकर हुई मारपीट. प्रेस कांफ्रेस के दौरान हुआ जमकर हंगामा. प्रेस कांफ्रेस को कुछ लोग मोबाइल से शूट कर रहे थे. उसी दौरान कुछ लड़को ने पत्रकारों से अभद्रता कर दी. जिससे नाराज पत्रकारों ने यूट्यूबरों प्रेस कांफ्रेस से बाहर कर दिया. उसके बाद यू ट्यूबर लड़को ने अपने साथियों को मौके पर बुला लिया. जिससे काफी देर तक हंगामा हुआ. बाद में पुलिस ने किसी तरह मामला शांत कराया. जिसके बाद स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की प्रेस कॉन्फ्रेंस हो सकी.
पिछली बार के महाकुंभ और माघ मेलों की तुलना में इस बार का स्नान ऐतिहासिक रहा. आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, श्रद्धालुओं की संख्या का विवरण इस प्रकार है:
तिथि / पर्वआयोजनश्रद्धालुओं की संख्या18 जनवरी 2026मौनी अमावस्या (माघ मेला)करीब 5 करोड़28 जनवरी 2025महाकुंभ10 करोड़9 फरवरी 2024माघ मेला2.18 करोड़4 फरवरी 2019अर्धकुंभ5 करोड़27 जनवरी 2017माघ मेला2 करोड़
रेलवे स्टेशनों पर पाबंदियां खत्म, यात्रियों को मिली राहतस्नान पर्व के सकुशल संपन्न होने के बाद प्रशासन ने राहत की सांस ली है. उत्तर मध्य रेलवे के प्रयागराज मंडल ने भीड़ के कारण स्टेशनों पर लगाए गए सभी प्रतिबंधों को तत्काल प्रभाव से हटा लिया है. प्रयागराज जंक्शन, छिवकी, सूबेदारगंज और नैनी जंक्शन पर अब यात्री सामान्य रूप से आवाजाही कर सकेंगे. इससे पहले 17 से 20 जनवरी तक ‘वन-वे’ प्रवेश व्यवस्था लागू थी, जिससे यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था.
शंकराचार्य विवाद, प्रशासन ने दी सफाईमौनी अमावस्या के दिन ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को रोके जाने को लेकर हुए विवाद पर प्रशासन ने अपना पक्ष स्पष्ट किया है. मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल और मेला अधिकारी ऋषि राज के अनुसार, शंकराचार्य ने बिना अनुमति और प्रोटोकॉल के सैकड़ों अनुयायियों के साथ बैरिकेडिंग तोड़ने की कोशिश की. बताया कि सुप्रीम कोर्ट के 2022 के आदेश के तहत उन्हें विशेष प्रोटोकॉल नहीं दिया जा सकता था. प्रशासन का कहना है कि उन्होंने केवल सुरक्षा कारणों से पालकी से उतरकर पैदल स्नान का अनुरोध किया था, लेकिन वे वापस लौट गए. प्रशासन ने उनके खिलाफ साक्ष्य जुटाकर कानूनी कार्रवाई के संकेत भी दिए हैं.
सनातनी किन्नर अखाड़े का विस्तार: 6 महामंडलेश्वर और 4 महंत नियुक्तमाघ मेले में इस बार सनातनी किन्नर अखाड़ा विशेष आकर्षण का केंद्र बना हुआ है. नवंबर 2025 में गठित इस नए अखाड़े ने सोमवार को अपनी शक्ति का विस्तार किया. आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कौशल्या नंद गिरी (टीना मां) ने 6 नए महामंडलेश्वर और 4 महंतों का पट्टाभिषेक किया. इस अखाड़े ने न केवल किन्नरों को बल्कि महिलाओं और पुरुषों को भी जिम्मेदारी सौंपी है. इस अवसर पर टीना मां का अनाज और सिक्कों से ‘तुलादान’ किया गया. टीना मां ने कहा कि नवनियुक्त पदाधिकारी सनातन धर्म के प्रचार और ‘हिंदू राष्ट्र’ के संकल्प को आगे बढ़ाएंगे. उन्होंने बीएमसी चुनावों में बीजेपी की जीत पर भी खुशी जताई.About the AuthorRahul Goelराहुल गोयल न्यूज़ 18 हिंदी में हाइपरलोकल (यूपी, उत्तराखंड, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश) के लिए काम कर रहे हैं. मीडिया इंडस्ट्री में उन्हें 16 साल से ज्यादा का अनुभव है, जिसमें उनका फोकस हमेशा न्यू मीडिया और उसके त…और पढ़ेंLocation :Prayagraj,Prayagraj,Uttar PradeshFirst Published :January 20, 2026, 07:47 ISThomeuttar-pradeshLIVE: स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के शिविर के बाहर मारपीट

