Uttar Pradesh

“सुरक्षित हैं मेरे मित्र, नहीं कोई खतरा”, ईरान में रह रहे सुल्तानपुर के कई लोग, लोकल 18 जानने पहुंचा हाल

ईरान-अमेरिका युद्ध का साया पूरी दुनिया को दहशत का सबब बनता जा रहा है. खाड़ी देशों में हो रही बमबारी से वहां काम करने वाले भारतीय भी खतरे की जद में आ गए हैं. सुल्तानपुर के भी कई लोग ईरान, कुवैत और दुबई में रहते हैं. लोकल 18 ने ऐसे लोगों के रिश्तेदारों से बात कर उनकी सुरक्षा को लेकर वे क्या सोच रहे हैं, इस बारे में जाना. फिलहाल संबंधियों का कहना है कि अभी तक उनको किसी भी प्रकार की कोई समस्या नहीं हुई है. उनसे लगातार बातचीत हो रही है. स्थानीय सरकार और भारतीय दूतावास सुरक्षा को लेकर लगातार गाइडलाइन जारी कर रहे हैं।

सुल्तानपुर. इजराइल, ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध की वजह से खाड़ी देशों में तनाव की स्थिति बनी हुई है. दुनियाभर में लोगों के माथे पर चिंता की लकीरें देखी जा रही हैं. ड्रोन और हवाई हमलों के बीच ईरान समेत खाड़ी देशों में रह रहे कुछ भारतीय लोगों के परिवार यहां चिंता में डूबे हैं. भारत सरकार लगातार प्रयास कर रही है ताकि प्रभावित देशों से भारतीय नागरिकों को सुरक्षित वापस लाया जा सके. ईरान, दुबई और कुवैत में सुल्तानपुर के लिए कुछ लोग नौकरी और व्यवसाय के सिलसिले में रह रहे हैं. लोकल 18 ने सुल्तानपुर में रह रहे उनके परिवार से बात की. उनकी सुरक्षा को लेकर परिवार और रिश्तेदार क्या सोच रहा है, आइये जानते हैं।

सुल्तानपुर के रहने वाले फाकिर रजा ने लोकल 18 को बताया कि उनके मित्र का परिवार, जो 38 सदस्यों का है, सभी लोग दुबई और कुवैत में रहते हैं. ये लोग वहां पर व्यापार भी करते हैं और परिवार के कुछ लोग नौकरी भी करते हैं. फाकिर की बातचीत दुबई में रहने वाले मित्र से हुई और उन्होंने बताया कि अभी वे लोग सुरक्षित हैं और वहां के स्थानीय सरकार की ओर से लोगों को बीच-बीच में सुरक्षा को लेकर दिशा-निर्देश दिए जा रहे हैं।

अमहट के रहने वाले महसर पठान ने बताया कि उनके रिश्तेदार का 10 सदस्यीय परिवार, ईरान में व्यवसाय के सिलसिले में पिछले कुछ वर्षों से रह रहा है. उनकी बात उस परिवार के लोगों से हुई है. उन्होंने भी कहा है कि वे लोग ईरान में पूरी तरह महफूज हैं. भारतीय दूतावास की ओर से उन्हें सुरक्षा बरतने के दिशा-निर्देश दिए जा रहे हैं. विदेश मंत्री एस. जयशंकर की ओर से भी लगातार मॉनिटरिंग करके भारतीय दूतावास से अपने नागरिकों को संपर्क करने को कहा जा रहा है।

नहीं है कोई दिक्कत
फाकिर रजा और महसर पठान ने बताया कि ईरान, कुवैत और दुबई में बसे उनके मित्र और रिश्तेदार पूरी तरह महफूज हैं. अभी तक उनको किसी भी प्रकार की कोई समस्या नहीं हुई है लेकिन लगातार स्थानीय सरकार और भारतीय दूतावास की तरफ से सुरक्षा को लेकर गाइडलाइन जारी की जा रही है.

You Missed

Scroll to Top