Last Updated:August 11, 2025, 12:53 ISTSugarcane Farming: लगातार हो रही बारिश से कई खेतों में गन्ना गिरने लगा है, जिससे किसानों को भारी नुकसान का खतरा बढ़ गया है. ऐसे मौसम में कृषि विभाग ने फसल को बचाने और दोबारा हरी-भरी करने के लिए कुछ आसान और प्रभावी टिप्स दिए हैं. इन उपायों को अपनाकर किसान न केवल गिरी हुई फसल को फिर से खड़ा कर सकते हैं, बल्कि उसकी बढ़वार भी तेज़ कर सकते हैं. अगर आपके खेत में गन्ना बारिश और हवा के कारण गिर गया है तो 24 घंटे के भीतर उसे फिर से सीधा करके बंधाई कर दें. देर करने से पौधे की जड़ें सड़ने लगती हैं और फसल का नुकसान बढ़ जाता है. पानी जमा रहने से जड़ों को ऑक्सीजन नहीं मिलती और फसल पीली पड़ने लगती है. बारिश रुकने पर नालियां बनाकर खेत से पानी तुरंत बाहर निकालें ताकि पौधे फिर से सांस ले सकें. गन्ने की बढ़वार वापस लाने के लिए कार्बेन्डाजिम या थायोफिनेट मिथाइल 1 लीटर को 1000 लीटर पानी में मिलाएं. यह मिश्रण पौधों को रोगों से बचाएगा और जड़ों को फिर से मजबूत करेगा. एनपीके नाइट्रोजन, फॉस्फोरस, पोटाश 5 किलो को उसी 1000 लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव करें. यह गन्ने को पोषण देगा और गिरे हुए पौधे फिर से खड़े होकर बढ़ने लगेंगे. बंधाई करते समय गन्ने को ज़्यादा कसकर न बांधें. तनों को हल्के से पकड़कर बांधें ताकि हवा और धूप मिलने पर वे आसानी से सीधा हो सकें. बारिश के बाद खरपतवार तेजी से बढ़ते हैं और गन्ने के पोषण को खींच लेते हैं. इसलिए समय-समय पर खेत की निराई-गुड़ाई करें ताकि सारी खाद और पानी सिर्फ गन्ने को मिले. बारिश के बाद 10-15 दिन तक रोज़ खेत का निरीक्षण करें. अगर पौधों में पीली पत्तियां या सड़न दिखे तो तुरंत दवा का छिड़काव करें. इससे फसल लंबे समय तक सुरक्षित रहेगी.First Published :August 11, 2025, 12:53 ISThomelifestyleबारिश में गन्ना गिरने से बचाव के उपाय, 24 घंटे में फसल को फिर से करें खड़ा
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