Last Updated:February 04, 2026, 18:27 ISTStrawberry Farming Benefits : स्ट्रॉबेरी की खेती किसानों के लिए वरदान बनकर सामने आई है. इसकी मांग बाजार में सालभर बनी रहती है. कम समय में तैयार होने वाली ये फसल कम लागत में अधिक मुनाफा देती है. बाराबंकी जिले के सहेलिया गांव के रहने वाले किसान दाता राम ने इस बार डेढ़ बीघा में स्ट्रॉबेरी लगाई है. लोकल 18 ने उनसे बात की. किसान दाता राम बताते हैं कि लागत एक बीघे में 20 से 25 हजार आती है. मुनाफा एक फसल पर डेढ़ लाख रुपये तक हो जाता है. पौधा लगाने के महज दो महीने बाद फसल निकलने लगती है.बाराबंकी. आज का किसान परंपरागत फसलों तक सीमित नहीं रहा. उसने समय के साथ अपनी सोच और खेती के तरीकों में बड़ा बदलाव किया है. अब वो ऐसी फसलों की तरफ तेजी से रुख करा रहा है, जो उन्हें अच्छा मुनाफा देकर जाए. इन्हीं फसलों में एक स्ट्रॉबेरी है, जो किसानों के लिए किसी वरदान से कम नहीं. स्ट्रॉबेरी की मांग बाजार में सालभर बनी रहती है. कम समय में तैयार होने वाली ये फसल कम लागत में अधिक मुनाफा देने वाली साबित हो रही है. बाराबंकी जिले के सहेलिया गांव के रहने वाले किसान दाता राम दूसरी फसलों के साथ-साथ स्ट्रॉबेरी की खेती भी करते हैं. उन्होंने करीब डेढ़ बीघा में स्ट्रॉबेरी लगाया है. एक फसल पर एक से डेढ़ लाख रुपये मुनाफा आराम से होने की उम्मीद है.
कितने महीने की फसल
किसान दाता राम लोकल 18 से बताते हैं कि हम ज्यादातर गाजर, खीरा और खरबूजा आदि लगाते रहे हैं. इस बार हमने स्ट्रॉबेरी की खेती की है, जो करीब डेढ़ बीघे में लगी है. लागत एक बीघे में 20 से 25 हजार आती है और मुनाफा एक फसल पर डेढ़ लाख रुपये तक हो जाता है. स्ट्रॉबेरी की फसल सर्दियों के सीजन में होती है. इसकी डिमांड भी खूब रहती है, जिससे कीमत भी अच्छी मिलती है. इसकी खेती हम मल्च विधि से करते हैं, जिससे सिंचाई करने में आसानी होती है और जल भराव कम होता है. इससे फल सड़ने और गलने का डर नहीं रहता और पैदावार अच्छी होती है. यह फसल करीब ढाई तीन महीने तक चलती है.
ये रहा उगाने का तरीका
किसान दाता राम बताते हैं कि स्ट्रॉबेरी की खेती करना बहुत ही आसान है. पहले खेत की दो से तीन बार जुताई की जाती है. फिर इसमें गोबर और दूसरी खाद का छिड़काव कर खेत को बराबर किया जाता है. इसके बाद मेड़ बनाकर उस पर हम मल्चिंग डालते हैं. फिर इसमें थोड़ी-थोड़ी दूरी पर छेद करके स्ट्रॉबेरी के पौधों की रोपाई जाती है. इसके तुरंत बाद सिंचाई कर देते हैं. पौधा लगाने के महज दो महीने बाद फसल निकलने लगती है. अब तोड़ाई कर बाजारों में बिक्री कर सकते हैं.About the AuthorPriyanshu GuptaPriyanshu has more than 10 years of experience in journalism. Before News 18 (Network 18 Group), he had worked with Rajsthan Patrika and Amar Ujala. He has Studied Journalism from Indian Institute of Mass Commu…और पढ़ेंLocation :Bara Banki,Uttar PradeshFirst Published :February 04, 2026, 18:27 ISThomeagricultureलागत 20 हजार, मुनाफा 1.5 लाख…ये किसान मल्च विधि से उगा रहा स्ट्रॉबेरी

