Uttar Pradesh

स्टीव जॉब्स की पत्नी को क्यों शिवलिंग छूने से रोका गया? काशी विश्वनाथ मंदिर की वो परंपरा जो नहीं टूट सकती…

Last Updated:January 14, 2025, 02:17 ISTSteve Jobs wife News: स्टीव जॉब्स की पत्नी लॉरेन पॉवेल ने वाराणसी में काशी विश्वनाथ के दर्शन किए और वहां से महाकुंभ के लिए प्रयागराज चली गईं, जहां वह 15 जनवरी तक रहेंगी.वाराणसी. एप्पल के को-फाउंडर दिवंगत स्टीव जॉब्स की पत्नी लॉरेन पॉवेल ने रव‍िवार को वाराणसी के काशी विश्वनाथ मंदिर के दर्शन किए और फिर वहां से महाकुंभ के लिए प्रयागराज रवाना हो गईं. जहां वह 15 जनवरी तक निरंजिनी अखाड़ा शिविर में रहेंगी. उसके बाद 20 जनवरी को अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए वह अमेरिका लौट जाएंगी.

लॉरेन के साथ निरंजनी अखाड़े के स्वामी कैलाशानंद गिरि महाराज भी मंदिर गए. लेकिन काशी विश्वनाथ मंदिर में स्टीव जॉब्स की पत्नी को गर्भगृह के अंदर शिवलिंग को छूने की अनुमति नहीं दी गई. इंडियन ड्रेस (गुलाबी सूट और सिर पर सफेद दुपट्टा) पहने लॉरेन ने काशी विश्वनाथ मंदिर के गर्भगृह के बाहर से ही पूजा-अर्चना की.

स्वामी कैलाशानंद गिरि महाराज ने कहा, “वह बहुत धार्मिक और आध्यात्मिक हैं. वह मेरी बेटी हैं. उन्होंने मंदिर की परंपराओं का पालन किया… हमारी भारतीय परंपरा के अनुसार, लेकिन एक परंपरा है कि हिंदू के अलावा कोई भी काशी विश्वनाथ के शिवलिंग को नहीं छू सकता. अगर मैं इस परंपरा को कायम नहीं रखूंगा तो यह परंपरा टूट जाएगी. इस कारण उन्हें बाहर से ही शिवलिंग के दर्शन कराए गए.”

कैलाशानंद गिरि महाराज ने आगे बताया कि लॉरेन ने महाकुंभ के बिना किसी बाधा या कठिनाई के सफलतापूर्वक संपन्न होने के लिए प्रार्थना की. उन्होंने कहा, “आज हम काशी में महादेव से प्रार्थना करने आए हैं कि कुंभ बिना किसी बाधा के संपन्न हो… मैं यहां महादेव को आमंत्रित करने आया हूं. हमारे शिष्य महर्षि व्यासानंद अमेरिका से हमारे साथ हैं. कल वह मेरे अखाड़े में महामंडलेश्वर बन रहे हैं.”

लॉरेन, जिनका नाम बदलकर ‘कमला’ कर दिया गया है, उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में होने वाले आगामी महाकुंभ में भाग लेंगी. कैलाशानंद गिरि महाराज के अनुसार, वह कुंभ में रहेंगी और गंगा में डुबकी लगाने की भी योजना बना रही हैं.

प्रयागराज में 13 जनवरी से शुरू होने वाला महाकुंभ मेला 26 फरवरी को समाप्त होगा. यह मेला हर 12 साल में एक बार आयोजित किया जाता है. यूपी सरकार ने इस आयोजन को सुरक्षित और भव्य बनाने के लिए व्यापक सुरक्षा उपाय लागू किए हैं और विस्तृत व्यवस्था की है. हजारों एआई सीसीटीवी कैमरा, अंडरवाटर ड्रोन और भक्तों के लिए अत्याधुनिक सुविधाएं स्थापित की गई हैं. इस आयोजन में 40 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है.
Location :Varanasi,Uttar PradeshFirst Published :January 14, 2025, 02:17 ISThomenationस्टीव जॉब्स की पत्नी को क्यों काशी विश्वनाथ में शिवलिंग छूने से रोका गया?

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