Uttar Pradesh

सोनभद्र में है दुनिया का सबसे पुराना फासिल्स पार्क, समेटे हुए है धरती के ये ‘रहस्य’

Last Updated:March 18, 2025, 21:48 ISTsalkhan fossil park sonbhadra: यह पार्क जो अमेरिका के येलोस्टोन नेशनल पार्क के फासिल्स से भी 40 करोड़ वर्ष पुराना है. इस पार्क ने सोनभद्र जिले कोX

इस पार्क का अपना है पूरी दुनिया में इतिहाससोनभद्र: धरती पर ऐसे कई रहस्य छिपे हैं जिस पर दुनिया भर के वैज्ञानिक लगातार शोध कर रहे हैं. कुछ ऐसा ही रहस्य उत्तर प्रदेश में सोनभद्र जिले में एक जगह है. जिले में स्थित सलखन में जहां एक नहीं 150 करोड़ वर्ष पुराने जीवाश्म (फासिल्स) हैं. ये पार्क दुनिया का सबसे बड़ा फासिल्स पार्क है. 25 हेक्टेयर में फैला ये फासिल्स पार्क दुनिया में अमेरिका के यलो स्टोन पार्क से भी बड़ा है. यहां के फासिल्स का महत्व इस बात से समझा जा सकता है कि ये जीवन की शुरुआत की कहानी बयां करते हैं.

सलखन जीवाश्म पार्क अत्यन्त ही महत्वपूर्ण स्थान है जहां जाकर पृथ्वी के भू विज्ञान और जैविक इतिहास के विषय में जानकारी प्राप्त की जा सकती है. यह जीवाश्म पार्क पृथ्वी पर जीवन के विकास के आरम्भिक अवस्था का प्रमाण प्रस्तुत करता है. यहां पाये जाने वाले जीवाश्म विश्व के प्राचीनतम जीवाश्मों का प्रतिनिधित्व करते हैं इसलिए सलखन जीवाश्म पार्क भारत के लिए ही नहीं बल्कि दुनिया के लिए भी एक अमूल्य भूवैज्ञानिक धरोहर है. कुदरत का नायाब तोहफा, दुनिया की अनमोल धरोहर सलखन फासिल्स पार्क उत्‍तर प्रदेश के सोनभद्र जिले के कैमूर वन्‍यजीव अभयारण्‍य के अंदर स्थित है.

यह सेंचुरी रॉबर्ट्सगंज से 17 किमी. की दूरी पर स्थित है जो यहां का जिला मुख्‍यालय है. यह पार्क सोनभद्र जिले की भू- वैज्ञानिक विरासत का प्रतिनिधित्‍व करता है. सोनभद्र उत्तर प्रदेश का एक ऐसा महत्वपूर्ण जिला है जहां पर्यटन विकास के साथ ही पुरातात्विक विकास की असीम संभावनाएं हैं.

इसे लेकर जनपद में ऐसे स्थानों के जानकार गुप्त काशी सेवा ट्रस्ट के संस्थापक रवि प्रकाश चौबे ने बताया कि विश्व भर में प्रचीनतम सलखन का फासिल्स पार्क बहुत पुराना है. यह पार्क जो अमेरिका के येलोस्टोन नेशनल पार्क के फासिल्स से भी 40 करोड़ वर्ष पुराना है. इस पार्क ने सोनभद्र जिले को अनमोल भू-वैज्ञानिक धरोहर से समृद्ध बनाया है. जीवन के सृजन की शुरुआत के साक्षी बने इन जीवाश्मों ने इस तथ्य पर मुहर लगाई कि 150 करोड़ वर्ष पूर्व यहां समुद्र की लहरें हिलोरें मारा करती थी. इस तथ्य के प्रकाश में आने के बाद सोन की संस्कृति भी डेढ़ अरब वर्ष प्राचीन हो गई.

सलखन में लाम स्टोन स्तम्भ और दुर्गम दृश्य हैं जिसके ऊपरी सतह पर अंकित गोल छल्ले जैसी आकृतियों वाली ये लगभग 1 मीटर ऊंची रचनाएं डेढ़ अरब वर्ष पुराने जीवन आदि रूप के प्रमाण हैं. यहां सिएनोबैक्टीरिया की बनाई संरचनाएं हैं. स्थानीय लोगों ऐसी संरचनाओं को पत्थर के फूल या पेड़ कहते हैं. ये संरचनाएं पृथ्वी पर साढ़े तीन अरब वर्ष पूर्व बनाई गयी हैं. 7 दिसम्बर 2002 को 50 देशों के भू वैज्ञनिकों ने यहां भ्रमण किया था और इसे पूरी दुनिया का सबसे पुराना बहुमूल्य फासिल्स पार्क बताया था.

1933 में इसकी खोज जियोलॉजिकल सर्वे आफ इंडिया ने की थी. कनाडा के प्रख्यात भूवैज्ञानिक एच.जे हाफमैन सलखन को देखकर बहुत प्रभावित हुए थे. उन्होंने कहा था कि इससे खूबसूरत और स्पष्ट जीवाश्म कहीं और नहीं हैं. अमरीकी सरकार ने पर्यटन के जरिए अपने येलोस्टोन पार्क को डेवलेप कर लिया है. इससे अमेरिका हर साल लाखों डॉलर की कमाई करता है लेकिन केंद्र और राज्य सरकार सलखन जिवाश्म पार्क की ओर ध्यान नहीं दे रही.
Location :Sonbhadra,Uttar PradeshFirst Published :March 18, 2025, 21:48 ISThomeuttar-pradeshसोनभद्र में है दुनिया का सबसे पुराना फासिल्स पार्क, समेटे हुए है धरती के रहस्य

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