जैसे-जैसे समाज आगे बढ़ रहा है, महिलाएं भी हर क्षेत्र में अपनी मजबूत पहचान बना रही हैं. उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले की रहने वाली कृतिका शर्मा ऐसी ही एक प्रेरणादायक महिला हैं, जिन्होंने अपने शौक को व्यवसाय में बदलकर न सिर्फ खुद को आत्मनिर्भर बनाया, बल्कि कई लोगों को रोजगार भी दिया. आज उन्होंने अपने दम पर लाखों का कारोबार खड़ा दिया है.
स्कूल से शुरू हुआ डिजाइनिंग का सपना
कृतिका शर्मा को स्कूल के दिनों से ही डिजाइनर कपड़े पहनने और नए-नए डिज़ाइन बनाने का शौक था. जब वह कक्षा 10वीं में पढ़ती थीं, तभी उनके मन में यह सपना जन्मा कि आगे चलकर वह एक सफल फैशन डिजाइनर बनेंगी. हालांकि उस समय संसाधनों की कमी और सीमित सुविधाओं के कारण बड़े स्तर पर काम शुरू करना संभव नहीं था, लेकिन कृतिका ने हार नहीं मानी.
परिवार से सीखी कला
कृतिका ने शुरुआत अपने घर से ही की. उन्होंने अपनी मां, बहनों और परिवार की अन्य महिलाओं के कपड़े डिजाइन करना शुरू किया. इसी दौरान उन्होंने सिलाई, कढ़ाई और डिजाइनिंग की बारीकियां सीखी. धीरे-धीरे उनके काम की तारीफ होने लगी और आसपास के लोगों से ऑर्डर मिलने लगे. यहीं से उनके छोटे से सपने ने आकार लेना शुरू किया.
15 साल का अनुभव, हजारों डिज़ाइन
पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी करने के बाद कृतिका ने अपने हुनर को और निखारा. पिछले लगभग 15 वर्षों में वह हजारों कपड़ों के डिजाइन तैयार कर चुकी हैं. आज उनके बुटीक पर सिर्फ सुल्तानपुर ही नहीं, बल्कि अमेठी, अयोध्या, जौनपुर और प्रतापगढ़ जैसे आसपास के जिलों से भी ग्राहक कपड़े डिजाइन कराने आते हैं. शादी, त्योहार और खास कार्यक्रमों के लिए उनके डिजाइन खास पसंद किए जाते हैं.
परिवार का मजबूत सहारा
कृतिका की सफलता के पीछे उनके परिवार का बड़ा योगदान रहा है. माता-पिता और बहनों ने हर कदम पर उनका साथ दिया, जिससे उनका आत्मविश्वास और बढ़ा. 2011 से उन्होंने अपने बुटीक के जरिए कई महिलाओं और पुरुषों को रोजगार भी देना शुरू किया, जिससे अन्य लोग भी आत्मनिर्भर बन सके.
महिलाओं के लिए प्रेरणा
आज कृतिका शर्मा हर महीने हजारों रुपये की कमाई कर रही हैं और समाज में एक मिसाल बन चुकी हैं. वह कहती हैं कि अगर दिल में हौसला और काम के प्रति जुनून हो, तो संसाधनों की कमी कभी भी सफलता की राह में बाधा नहीं बनती. कृतिका की कहानी उन सभी महिलाओं के लिए प्रेरणा है, जो अपने सपनों को हकीकत में बदलना चाहती हैं.

