श्री अन्न: सेहत और खेती के लिए लाभदायक
श्री अन्न, जिन्हें मोटा अनाज भी कहा जाता है, स्वास्थ्य और खेती दोनों के लिए अत्यंत लाभदायक हैं। इनमें बाजरा, ज्वार, रागी, कोदो, कुटकी, सांवा, कंगनी और चेना जैसी फसलें शामिल हैं, जो कम पानी में उगती हैं और गर्मी को सहन कर लेती हैं। ये अनाज ऊर्जा देने, पाचन सुधारने और शुगर नियंत्रित रखने में मदद करते हैं।
इन अनाजों में भरपूर ताकत होती है जो शरीर को दिन भर ऊर्जा देती है। इनमें रेशा अधिक होता है, जिससे पेट साफ रहता है और भूख भी संतुलित रहती है। जिन लोगों को शुगर की समस्या है, उनके लिए भी ये अनाज अच्छे माने जाते हैं। ये धीरे-धीरे पचते हैं और खून में शुगर को तेजी से नहीं बढ़ने देते।
वैज्ञानिकों ने यह भी बताया कि इनमें आयरन, कैल्शियम और अन्य जरूरी तत्व पाए जाते हैं, जो खून बढ़ाने और हड्डियों को मजबूत करने में मदद करते हैं। ये अनाज बच्चों और बुजुर्गों दोनों के लिए लाभदायक हैं।
श्री अन्न की खेती करना आसान
वैज्ञानिकों ने किसानों को यह भी समझाया कि श्री अन्न की खेती करना आसान है, इन फसलों को ज्यादा खाद और ज्यादा पानी की जरूरत नहीं होती। इसलिए लागत कम लगती है और जोखिम भी कम रहता है। अगर बारिश कम हो, तब भी ये फसलें पूरी तरह खराब नहीं होतीं, जिससे किसान को सहारा मिलता है।
बाजार में अब इन अनाजों की मांग बढ़ रही है, इसलिए किसान इन्हें बेचकर अच्छी कमाई कर सकते हैं। वैज्ञानिकों ने कहा कि अगर लोग अपनी थाली में फिर से श्री अन्न को जगह देंगे, तो सेहत भी सुधरेगी और किसान भी मजबूत होंगे। इस तरह श्री अन्न हमारी खेती और हमारे जीवन दोनों के लिए एक अच्छा रास्ता बन सकता है।

