Uttar Pradesh

शकरकंद मीठी है या फीकी? हाथ में उठाते ही पता चल जाएगा, बस जान लें एक्सपर्ट की बताई ये जादुई ट्रिक – Uttar Pradesh News

Last Updated:January 05, 2026, 18:15 ISTSweet Potato Buying Tips: सर्दियों में शकरकंद हर किसी की पसंद बन जाती है. लेकिन बाजार से लाई गई शकरकंद हमेशा ताजी और मीठी नहीं होती. इसे खरीदते समय कुछ आसान ट्रिक्स अपनाकर आप फ्रेश, स्वादिष्ट और मीठी शकरकंद आसानी से पहचान सकते हैं. इस खबर में हम आपको कुछ ऐसे तरीके बताएंगे जिनकी मदद से आप बिना चखे ही शकरकंद की ताजगी और मिठास का पता लगा सकते हैं. सर्दियों में मिलने वाली शकरकंद हर किसी की पसंद बन जाती है. इसे कभी उबालकर, कभी भूनकर या चाट के रूप में खाया जाता है और इसका स्वाद हर रूप में लाजवाब होता है. लेकिन कई बार बाजार से लाई गई शकरकंद बाहर से तो अच्छी दिखती है, पर अंदर से फीकी, सूखी या खराब निकल जाती है. ऐसे में कुछ आसान उपाय हैं जिनकी मदद से आप बिना चखे ही जान सकते हैं कि शकरकंद मीठी और ताजी है या नहीं. किचन एक्सपर्ट आशा सिंह बताती हैं कि शकरकंद एक सुपरफूड है, जो स्वाद में लाजवाब और सेहत के लिए फायदेमंद होता है. लेकिन इसे खरीदते समय लोग अक्सर ध्यान नहीं देते हैं, जिससे कभी-कभी खराब या फीकी शकरकंद मिल जाती है. ऐसे में कुछ सरल टिप्स की मदद से आप मीठी और फ्रेश शकरकंद आसानी से पहचान सकते हैं. शकरकंद खरीदते समय इसे हाथ में उठाकर महसूस करें. अगर शकरकंद हल्की लग रही है, तो इसका मतलब है कि उसमें नमी कम है और यह रेशेदार या सूखी हो सकती है. वहीं भारी शकरकंद में स्टार्च और शुगर की मात्रा सही होती है, जिससे उबालने या भूनने पर यह ज्यादा मीठी और स्वादिष्ट लगती है. Add News18 as Preferred Source on Google हमेशा गहरे लाल या बैंगनी रंग वाले शकरकंद चुनें. गहरे रंग के छिलके वाली शकरकंद आमतौर पर ज्यादा मीठी और मलाईदार होती है, जबकि हल्के या पीले छिलके वाली स्वाद में कमतर हो सकती हैं. साथ ही छिलका चिकना होना चाहिए और उस पर कोई झुर्रियां नहीं होनी चाहिए, क्योंकि झुर्रियां शकरकंद के पुराने होने का संकेत देती हैं. शकरकंद को खरीदते समय किसी भी हिस्से में नरमी या कालापन न हो. छोटे से छोटा फंगस भी पूरी शकरकंद को खराब कर सकता है और इसका स्वाद कड़वा कर सकता है. इसलिए ऐसे शकरकंद को बिल्कुल न खरीदें. आकार में मीडियम या छोटे शकरकंद सबसे बेहतरीन होते हैं. बहुत बड़ी शकरकंद के अंदर मोटे रेशे होने की संभावना ज्यादा होती है, जिससे खाने का मजा कम हो जाता है. छोटे और मीडियम आकार की शकरकंद जल्दी पकती है और स्वाद में समान होती है. शकरकंद के ऊपर छोटे अंकुर या गड्ढे दिखाई दें तो उसे न खरीदें. अंकुरित होने का मतलब है कि शकरकंद की सारी ऊर्जा अंकुर को उगाने में खर्च हो रही है और यह अंदर से खोखली या स्वादहीन हो सकती है.न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।First Published :January 05, 2026, 18:15 ISThomelifestyleशकरकंद मीठी है या फीकी? हाथ में उठाते ही पता चल जाएगा, बस जान लें ये ट्रिक

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