Uttar Pradesh

शिमला मिर्च-ब्रोकली के साथ केले की फसल फ्री! बाराबंकी का किसान 1 खेत से कमा रहा लाखों का मुनाफा, जानें सीक्रेट

Last Updated:January 22, 2026, 18:16 ISTProfitable Intercropping Farming: किसान अब परंपरागत खेती छोड़ आधुनिक और सहफसली तकनीक को अपना रहे हैं. इस नई पद्धति से एक ही खेत में कई तरह की फसलें उगाकर किसान कम लागत में अधिक मुनाफा कमा रहे हैं. किसान प्रमोद वर्मा का अनुभव बताता है कि सहफसली खेती से केले, शिमला मिर्च और ब्रोकली जैसी फसलों से दो से तीन लाख रुपए तक मुनाफा आसानी से कमाया जा सकता है.बाराबंकी: आज के किसान केवल परंपरागत खेती तक सीमित नहीं रह रहे हैं. वे नई और आधुनिक तकनीकों को अपनाकर कम लागत में अधिक मुनाफा कमाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं. किसान ऐसी तकनीकों की तलाश कर रहे हैं, जिनसे उन्हें बेहतर उपज के साथ अच्छी आमदनी मिल सके. इस वजह से किसान अब अपने खेतों में सहफसली खेती कर रहे हैं. इस तरीके में एक ही खेत में कई तरह की फसलें उगाई जाती हैं. इसमें सब्जियों के साथ-साथ फल और फूलों की फसलें भी शामिल हैं, जिससे किसानों को अच्छा खासा मुनाफा हो रहा है.

सहफसली खेती से हो रहा तगड़ा मुनाफा
जिले के किसान प्रमोद वर्मा ने सहफसली तकनीक अपनाकर केले, शिमला मिर्च और ब्रोकली की खेती शुरू की है. उन्होंने बताया कि पहले वे धान और गेहूं जैसी परंपरागत फसलों की खेती करते थे. लेकिन पिछले तीन-चार सालों से वे सहफसली खेती कर रहे हैं.
प्रमोद वर्मा ने कहा कि उनके एक एकड़ के खेत में केले की फसल करीब डेढ़ साल में तैयार होती है. केले के बीच बची जगह में उन्होंने शिमला मिर्च और ब्रोकली की फसलें लगाईं. इन सब्जियों से होने वाला मुनाफा केले की फसल की लागत निकाल देता है, जिससे केले की फसल मुफ्त में तैयार हो जाती है.
उन्होंने बताया कि इस समय उनके खेत में केला, शिमला मिर्च और ब्रोकली लगी हुई हैं. इस खेती में एक बीघे की लागत लगभग 30 से 40 हजार रुपए आती है. वही मुनाफा लगभग दो से तीन लाख रुपए तक आराम से हो जाता है. ब्रोकली की फसल एक से डेढ़ महीने तक चलेगी और शिमला मिर्च तीन से चार महीने में तैयार हो जाएगी.

सहफसली खेती की खासियत
सहफसली खेती की सबसे बड़ी खूबी यह है कि अगर किसी एक फसल का बाजार भाव गिर भी जाए, तो दूसरी फसल उसकी भरपाई कर देती है. इसके अलावा, एक फसल की लागत दूसरी फसल से निकल जाती है, जिससे किसान को वित्तीय जोखिम कम होता है. इस तकनीक से किसान कम समय और कम लागत में अधिक मुनाफा कमा सकते हैं.
सहफसली खेती से न केवल किसानों की आमदनी बढ़ रही है, बल्कि खेतों का उपयोग भी अधिक प्रभावी तरीके से हो रहा है. बाराबंकी के किसान इस तकनीक को अपनाकर नई मिसाल कायम कर रहे हैं.About the AuthorSeema Nathसीमा नाथ पांच साल से मीडिया के क्षेत्र में काम कर रही हैं. शाह टाइम्स, उत्तरांचल दीप, न्यूज अपडेट भारत के साथ ही लोकल 18 (नेटवर्क18) में काम किया है. वर्तमान में मैं News18 (नेटवर्क18) के साथ जुड़ी हूं, जहां मै…और पढ़ेंLocation :Bara Banki,Uttar PradeshFirst Published :January 22, 2026, 18:16 ISThomeagricultureशिमला मिर्च-ब्रोकली के साथ केला फ्री! बाराबंकी का किसान 1 खेत से कमा रहा लाखों

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