अभिषेक जायसवाल/वाराणसी. शनि को न्याय का देवता कहा जाता है. ऐसी मान्यता है कि शनि देव मनुष्य को उसके कर्मों के हिसाब से फल देते है. 9 ग्रहों में महत्त्वपूर्ण स्थान रखने वाले शनि अब अपनी चाल बदलने वाले हैं. 17 जून से शनि देव वक्री हो रहे हैं. शनि की वक्र दृष्टि अच्छी नहीं मानी जाती है. काशी के ज्योतिषियों के अनुसार शनि के वक्री होने के बाद कई राशि वालों पर संकट के बादल भी आ सकते हैं.काशी के शनि उपासक स्वामी कन्हैया महाराज ने बताया कि शनि 17 जून से 3 नवम्बर वक्री रहेंगे यानी उल्टी दिशा में चलेंगे. ऐसे में जिन राशि वालों पर शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या हैं उनके जीवन में मुश्किलें आ सकती हैं. स्वामी कन्हैया महाराज ने बताया कि कर्क, सिंह, वृश्चिक, मकर और कुंभ इन पांच राशि वालों की आर्थिक और मानसिक पीड़ा बढ़ सकती है.
शनि के वक्री होने की दशा में इन सभी राशि वालों को शनि को प्रसन्न करने के लिए उपाय जरूर करने चाहिए. इन पांच राशि वालों को हनुमान जी की नियमित पूजा उपासना करने के साथ शनिवार के दिन शनि चालीसा का पाठ भी करना चाहिए. इसके अलावा जरूरतमंदों को भोजन भी कराना चाहिए. इससे शनि पीड़ा से मुक्ति मिलती है.
स्वामी कन्हैया महाराज ने बताया कि 17 जून से 3 नवम्बर तक इन पांच राशि वालों को विशेष सावधानी रखनी चाहिए. इन्हें किसी भी व्यक्ति के धन, संपति पर बुरी नजर नहीं रखनी चाहिए. इसके अलावा गरीब और जरूरतमंदों का कभी भी मजाक नहीं उड़ाना चाहिए. इतना ही नहीं शनिवार के दिन इन्हें सरसों का तेल खरीदने और उसके इस्तेमाल से भी परहेज करना चाहिए.(नोट – यह जानकारी धार्मिक मान्यताओं और ज्योतिषी के मुताबिक है. News 18 इसकी पुष्टि नहीं करता.).FIRST PUBLISHED : June 14, 2023, 16:43 IST
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