बहराइच: उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में बनने जा रहे शामली-गोरखपुर एक्सप्रेस-वे को लेकर प्रशासनिक प्रक्रिया तेज हो गई है. इस एक्सप्रेस-वे का एक हिस्सा महसी तहसील के कई गांवों से होकर प्रस्तावित है. शुरुआती सर्वे के बाद प्रशासन ने प्रभावित जमीनों की पहचान शुरू कर दी है. इसके साथ ही जिन जमीनों से एक्सप्रेस-वे गुजरने की संभावना है, वहां फिलहाल नए निर्माण और जमीन की खरीद-फरोख्त पर रोक लगा दी गई है.
बताया जा रहा है कि भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की परियोजना कार्यान्वयन इकाई ने बहराइच की महसी तहसील के 25 गांवों से एक्सप्रेस-वे निकालने का प्रस्ताव तैयार किया है. पहले चरण के सर्वे के बाद इन गांवों की प्रभावित जमीनों की सूची एडीएम महसी और उप निबंधक कार्यालय को भेजी गई है. अब संबंधित विभाग और राजस्व टीमें इन जमीनों की जांच में जुट गई हैं.
इन 25 गांवों से होकर निकलेगा एक्सप्रेस-वेबहराइच की महसी तहसील के कई गांव इस परियोजना की जद में आएंगे. इनमें पचदेवरी, अगरौरा दुबहा, कोटिया, पूरेबस्ती गड़रिया, पूरे दिलदार सिंह, महसी, बेल्हौरा, चन्दपयईया, जोत चांदपारा, मासाडीहा, बहोरिकपुर, कपूरपुर, उदवापुर बालासराय, खसहा मोहम्मदपुर, भकला गोपालपुर, लक्खा बौंडी, नरहर गोड़ा, बेहटा भया, जबदी, मोगलहा, जादौपुर, गजपतिपुर, चांदपारा और टेड़वा बसंतपुर समेत कुल 25 गांव शामिल हैं.प्रस्तावित योजना के मुताबिक शामली-गोरखपुर एक्सप्रेस-वे का यह हिस्सा किलोमीटर 480.150 से लेकर किलोमीटर 510.230 के बीच करीब 30.080 किलोमीटर लंबाई में इन गांवों से होकर गुजरेगा.
1323 प्लॉटों की हो रही जांचप्रारंभिक सर्वे के बाद भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की परियोजना इकाई बहराइच की ओर से जिलाधिकारी कार्यालय को पत्र भेजा गया है. इसके बाद प्रशासन ने महसी तहसील के उपजिलाधिकारी और उप निबंधक कार्यालय को 25 गांवों की 1323 प्रभावित गाटों यानी प्लॉट या भूखंड की जांच के निर्देश दिए हैं.
जमीन की खरीद-फरोख्त और निर्माण पर रोकपहली अधिसूचना जारी होने के बाद प्रशासन ने प्रभावित जमीनों पर कुछ प्रतिबंध भी लगा दिए हैं. जिलाधिकारी कार्यालय की ओर से निर्देश दिया गया है कि जिन जमीनों से एक्सप्रेस-वे गुजरने की संभावना है, वहां फिलहाल भवन निर्माण, जमीन के उपयोग में बदलाव और खरीद-फरोख्त पर रोक रहेगी. इसके अलावा भूमि उपयोग परिवर्तन या राजस्व अभिलेखों में बदलाव से जुड़े मामलों पर भी अगली सूचना तक रोक लगा दी गई है.
अंतिम नोटिफिकेशन के बाद होगी आगे की कार्रवाईभूमि अधिग्रहण अधिकारी शिव मंगल मिश्र ने बताया कि प्रारंभिक सर्वे के अनुसार एक्सप्रेस-वे जहां से गुजरेगा उस दायरे में कुल 1323 गाटे यानी (खेत/प्लॉट) आ रहे हैं. प्रशासन का कहना है कि यह पहली अधिसूचना है. राजस्व विभाग और NHAI की टीमों की संयुक्त जांच रिपोर्ट मिलने के बाद ही अंतिम नोटिफिकेशन जारी किया जाएगा. अधिकारियों के मुताबिक, जांच के दौरान तकनीकी कारणों से प्रोजेक्ट के नक्शे में मामूली बदलाव भी संभव है. एक बार रिपोर्ट फाइनल होने के बाद मुआवजे और अधिग्रहण की आधिकारिक कार्यवाही शुरू होगी.

