Uttar Pradesh

सेहत के लिए ज़हर है ये मछली! खाने से बढ़ सकता है कैंसर का खतरा, जानिए क्यों इसे पालना भी है गैरकानूनी?

अलीगढ़: आमतौर पर मछली को पौष्टिक आहार माना जाता है और लोग इसे सेहत के लिए लाभकारी समझकर खाते भी हैं. लेकिन अलीगढ़ में फिशरी विभाग ने एक ऐसी मछली को लेकर लोगों को सतर्क किया है, जो दिखने ,में आम मछलियों जैसी होती है, लेकिन इसके नुकसान बेहद गंभीर हैं. इस मछली का नाम थाई मांगोर है, जिसका सेवन जहां स्वास्थ्य के लिए खतरनाक बताया गया है, वहीं इसका पालन और बिक्री करना कानूनन अपराध भी है.

अलीगढ़ के सीनियर फिशरी इंस्पेक्टर इंद्रपाल सिंह ने बताया कि थाई मांगोर मछली आमतौर पर गंदे और दूषित पानी में पाली जाती है. ऐसे वातावरण में पलने की वजह से इसके शरीर में जहरीले तत्व और टॉक्सिन विकसित हो जाते हैं. जब यह मछली इंसान खाता है, तो ये जहरीले तत्व सीधे शरीर में पहुंच जाते हैं, जिससे पेट दर्द, किडनी और लीवर से जुड़ी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं.
उन्होंने बताया कि इस मछली में लेड यानी सीसा की मात्रा भी अधिक पाई जाती है, जो मानव शरीर के लिए बेहद नुकसानदायक मानी जाती है. लंबे समय तक इसका सेवन करने से शरीर पर इसका दुष्प्रभाव और भी बढ़ जाता है.

कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का भी खतराइंद्रपाल सिंह के अनुसार, थाई मांगोर मछली से कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा भी बढ़ सकता है. इसमें पाए जाने वाले कुछ तत्व लंबे समय तक शरीर में जमा होकर घातक असर डाल सकते हैं. यही वजह है कि स्वास्थ्य विशेषज्ञ भी इस मछली को खाने से बचने की सलाह देते हैं.

पर्यावरण के लिए भी बेहद खतरनाक मछलीथाई मांगोर सिर्फ इंसानी सेहत के लिए ही नहीं, बल्कि पर्यावरण के लिए भी बड़ा खतरा है. यह एक कैट फिश प्रजाति है, जो तालाबों और जलाशयों में मौजूद छोटी और स्थानीय मछलियों को तेजी से नष्ट कर देती है. इससे जलाशयों का प्राकृतिक संतुलन बिगड़ जाता है और जलीय जीवन को भारी नुकसान पहुंचता है.सरकार ने लगाया पूर्ण प्रतिबंध, कार्रवाई का प्रावधानइन्हीं खतरों को देखते हुए सरकार ने थाई मांगोर मछली पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया है. यदि कोई व्यक्ति इस मछली का पालन करता है या बाजार में इसकी बिक्री करता पाया जाता है, तो पहले उसे पालन बंद करने का नोटिस दिया जाता है. नोटिस के बावजूद नियमों का पालन न करने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ धारा 270 के तहत कानूनी कार्रवाई की जाती है.इसके अलावा, यदि किसी तालाब या जल स्रोत में यह मछली पाई जाती है, तो उसे पकड़ने और नष्ट करने में आने वाला पूरा खर्च भी संबंधित व्यक्ति या लाभार्थी को ही उठाना पड़ता है.

फिशरी विभाग की लोगों से अपीलफिशरी विभाग ने आम जनता और मछली पालकों से अपील की है कि वे प्रतिबंधित थाई मांगोर मछली से पूरी तरह दूर रहें. केवल वैध और सुरक्षित मछली प्रजातियों का ही पालन और सेवन करें, ताकि लोगों की सेहत भी सुरक्षित रहे और पर्यावरण को भी नुकसान न पहुंचे.

Source link

You Missed

Back Injury Keeps Cameron Green from Bowling in KKR Debut
Top StoriesMar 30, 2026

कैमरन ग्रीन की पीठ की चोट के कारण उन्हें केकेआर की शुरुआत में गेंदबाजी से वंचित रखा गया है।

कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के ऑलराउंडर कैमरन ग्रीन को अपने फ्रेंचाइजी के लिए डेब्यू मैच में गेंदबाजी करने…

Trump admin allows Russian oil tanker to reach Cuba amid ongoing energy crisis
WorldnewsMar 30, 2026

ट्रंप प्रशासन ने रूसी तेल टैंकर को क्यूबा तक पहुंचने की अनुमति दी, जो जारी ऊर्जा संकट के बीच है

न्यूयॉर्क टाइम्स के अनुसार, अमेरिकी सरकार ने एक रूसी टैंकर को क्यूबा के लिए जाने की अनुमति दे…

Regional Powers Meet in Pakistan for Talks to End Iran War
Top StoriesMar 30, 2026

पाकिस्तान में क्षेत्रीय शक्तियां मिलती हैं ईरान युद्ध के अंत के लिए चर्चा करने के लिए

मध्य पूर्व में लड़ाई को समाप्त करने के लिए क्षेत्रीय शक्तियों ने पाकिस्तान में मुलाकात की, जहां अमेरिकी…

Scroll to Top