नई दिल्ली: भारत और साउथ अफ्रीका के बीच तीन टेस्ट मैचों की सीरीज का दूसरा टेस्ट मैचो खेला जा रहा है. इस मैच में शार्दुल ठाकुर ने खतरनाक गेंदबाजी का नमूना पेश किया. उनकी घातक गेंदबाजी के आगे कोई भी भारतीय बल्लेबाज टिक नहीं पाया. शार्दुल के इस खतरनाक प्रदर्शन के पीछे एक इंसान का बड़ा हाथ रहा है.
इस शख्स का रहा अहम योगदान
शार्दुल ठाकुर के करियर में उनके बचपने के कोच दिनेश लाड का अहम योगदान रहा है. शार्दुल ने उनसे ही गेंदबाजी के गुर सीखे. शार्दुल ठाकुर ने साउथ अफ्रीका के खिलाफ 61 रन देकर सात विकेट झटकर किसी भी भारतीय द्वारा अफ्रीकी धरती पर सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया है. अपनी आईपीएल टीम द्वारा मैदान पर उतारे नहीं जाने की हताशा से जूझने से लेकर टेस्ट क्रिकेट में पारी के सात विकेट लेकर सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन तक शारदुल ठाकुर ने लंबा सफर तय किया है, लेकिन उनके बचपन के कोच दिनेश लाड का कहना है कि उसे सिर्फ अपनी मानसिक ताकत पर काम करना पड़ा है, इससे इतर कुछ खास नहीं किया है.
कोच से सीखे गेंदबाजी के गुर
‘लॉर्ड शार्दुल’ या ‘पालघर एक्सप्रेस’ के नाम से मशहूर हुए ठाकुर ने अपने कैरियर के शुरूआती दिनेश लाड के साथ मुंबई में बिताए थे. लाड ने पीटीआई से कहा,‘मैने उसके साथ कुछ खास नहीं किया लेकिन उसकी मानसिक ताकत पर काम किया. मुझे याद है जब आईपीएल में उसे किंग्स इलेवन पंजाब ने अंतिम एकादश में शामिल नहीं किया था तब वह काफी निराश हो जाता और कहता था कि ये मुझे खिलाते ही नहीं हैं.’ उन्होंने कहा ,‘मैं उससे कहता था कि कोई बात नहीं. तुम्हें चुना गया है और बड़े खिलाड़ियों के साथ अभ्यास करना तुम्हारे लिए अहम है.’
टीम में आने के लिए शार्दुल को करना पड़ा इंतजार
तीस साल के शार्दुल ठाकुर ने अक्टूबर 2018 में वेस्टइंडीज के खिलाफ पहला टेस्ट खेला लेकिन अगले टेस्ट के लिये लंबा इंतजार करना पड़ा. भारत के सीमित ओवरों के कप्तान रोहित शर्मा के भी कोच रहे दिनेश लाड ने ठाकुर को सिर्फ एक सलाह दी थी कि कुछ अलग मत करना. उन्होंने कहा,‘वेस्टइंडीज दौरे पर जब वह पहली बार चुना गया तो मैने उससे इतना ही कहा कि कुछ अलग मत करना. रणजी ट्रॉफी में जैसे गेंदबाजी करते हो, वैसे ही करना. वह सीखता रहा. मैने उससे कहा कि बल्लेबाज को खेलने पर मजबूर करो ताकि विकेट लेने के मौके बनें. उसने अपनी बल्लेबाजी पर भी काफी मेहनत की.
शार्दुल ने किया कमाल
साउथ अफ्रीका की पूरी टीम भारत के खिलाफ पहली पारी में 229 रनों पर ऑलआउट हो गई. शार्दुल ठाकुर ने मैच में घातक गेंदबाजी करते हुए 61 रन देकर सात विकेट झटके. उनके आगे साउथ अफ्रीकी बल्लेबाज टिक ही नहीं पाए. शार्दुल की स्विंग गेंदों ने मैच में तूफान उठा दिया. शार्दुल ठाकुर की धीमी गति पर विकेट लेने की कला से सभी अच्छी तरह से वाकिफ हैं. वह साउथ अफ्रीकी धरती पर सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी करने वाले भारतीय गेंदबाज बने.
(input: भाषा )
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