Uttar Pradesh

सांसद, सैनिक या क्रिकेटर? जानिए गाजियाबाद की ये 5 प्रसिद्ध हस्तियां, दुनिया भर में इनका जलवा

गाजियाबाद की शान, ये 5 हस्तियां हैं शहर के ‘रियल हीरो’, जानिए इनकी कहानी

गाजियाबाद एक ऐसा शहर है जिसने अपने नागरिकों को कई प्रसिद्ध व्यक्तित्व दिए हैं। इन व्यक्तित्वों ने अपने काम और योगदान से शहर का नाम रोशन किया है। इनमें से एक हैं सांसद अतुल गर्ग, जो शहर के विकास के लिए जाने जाते हैं। उनके पिता दिनेश चंद्र गर्ग गाजियाबाद के पहले मेयर थे। अतुल गर्ग ने 2017 में भाजपा के टिकट पर गाजियाबाद विधानसभा सीट से विधायक चुने गए और उत्तर प्रदेश सरकार में राज्यमंत्री बने। 2022 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने फिर से उसी विधानसभा सीट से विधायक बने। फिर 2024 में वे पहली बार लोकसभा सांसद बने और अब गाजियाबाद के सांसद के रूप में जनता की सेवा कर रहे हैं।

गाजियाबाद के कर्नल टी.पी. त्यागी भारतीय सेना के उन वीर अधिकारियों में शामिल हैं, जिन्होंने 1971 के भारत-पाक युद्ध में अपनी बहादुरी का पराक्रम दिखाया। युद्ध में प्रदर्शित अदम्य साहस, नेतृत्व और देशभक्ति के लिए उन्हें वीर चक्र जैसे बड़े सैन्य सम्मान से सम्मानित किया गया। उनकी उपलब्धियों ने उन्हें सेना और नागरिक समाज, दोनों में एक सम्मानित व्यक्तित्व बनाया। सेना से सेवानिवृत्ति के बाद कर्नल त्यागी ने गाजियाबाद को अपनी कर्मभूमि बनाया और अब RWA अध्यक्ष के रूप में जनता की सेवा कर रहे हैं। वे कॉलोनियों की सुरक्षा, साफ-सफाई, पार्कों के विकास और नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयासरत हैं।

सुरेश रैना भारतीय क्रिकेट के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाज़ों में गिने जाते हैं। उनका जन्म 27 नवंबर 1986 को गाजियाबाद के मुरादनगर में हुआ। यहीं से उन्होंने क्रिकेट की शुरुआत की और कम उम्र में ही यूपी की टीम में जगह बनाई। रैना टीम इंडिया के लिए तीनों फॉर्मेट में खेले और टी-20 इंटरनेशनल में शतक लगाने वाले पहले भारतीय बने। वे विश्व कप 2011 की विजेता भारतीय टीम का भी हिस्सा रहे। गाजियाबाद से उनका विशेष लगाव है और वे अक्सर यहां के युवा खिलाड़ियों को प्रेरित करते हैं। मेहनत, फिटनेस और आक्रामक बल्लेबाज़ी के लिए सुरेश रैना आज भी युवाओं के रोल मॉडल हैं।

गाजियाबाद के पर्यावरणविद् विजयपाल सिंह बघेल, जिन्हें लोग ‘ग्रीन मैन’ कहते हैं, लाखों पेड़ों को बचाने और लाखों पौधे लगाने के लिए प्रसिद्ध हैं। उन्होंने करीब 10 लाख से अधिक पेड़ों को कटने से बचाया है। उनके इस कार्य की सराहना भारत सरकार और जनता ने की है। 2020 में उनके नाम से डाक टिकट भी जारी हुआ और उन्हें कई सम्मान प्राप्त हुए। बघेल ने गंगा एक्सप्रेसवे जैसी परियोजनाओं के मार्ग बदलवाकर पेड़ों को संरक्षित किया और देश-विदेश के पर्यावरण कार्यक्रमों में भी भाग लिया। हरे कपड़े पहनने के कारण उनकी अलग पहचान है और वे लोगों को पेड़ लगाने के लिए प्रेरित करते रहते हैं।

गाजियाबाद की दुहाई गांव की मंजू कश्यप आज महिला आत्मनिर्भरता की एक बड़ी मिसाल बन चुकी हैं। इंडस्ट्रियल एरिया के बीच उन्होंने तालाब बनाकर मछली पालन और सिंघाड़े की एकीकृत खेती शुरू की, जिससे वह सालाना लाखों रुपये कमा रही हैं। इसी वजह से लोग उन्हें ‘फार्म लेडी’ के नाम से भी जानते हैं। उनके नवाचार और मेहनत को देखते हुए उन्हें राष्ट्रीय अवॉर्ड से सम्मानित किया जा चुका है। अगस्त 2024 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उनकी पहल और जज़्बे की सराहना की थी। मंजू कश्यप उन महिलाओं के लिए प्रेरणा हैं जो अपनी मेहनत से नई शुरुआत करना चाहती हैं।

You Missed

Bill Cosby Ordered To Pay $19m Over Sex Abuse Claim
Top StoriesMar 24, 2026

बिल कॉस्बी को 19 मिलियन डॉलर का भुगतान करने का आदेश दिया गया है एक यौन शोषण का दावा

लॉस एंजिल्स, संयुक्त राज्य अमेरिका: बिल कोस्बी नामक पूर्व अमेरिकी मनोरंजनकर्ता द्वारा कथित रूप से जहर दिया और…

29 Lakh Names Sorted Among 60 Lakh 'Adjudicated' Voters; 1st Supplementary List Yet To Be Out
Top StoriesMar 24, 2026

29 लाख नाम सॉर्ट किए गए हैं 60 लाख ‘अदालती’ मतदाताओं में से; पहली साप्ताहिक सूची अभी तक जारी नहीं की गई है

कोलकाता: पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) मनोज अग्रवाल ने सोमवार शाम को घोषणा की कि लगभग…

Scroll to Top