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सालों से पी रहे हैं सिगरेट? तो घबराएं नहीं, अपनाएं ये तरीका, आसानी से छूट जाएगी यह लत – उत्तर प्रदेश समाचार

सिगरेट छोड़ना किसी भी उम्र में फायदेमंद होता है. गाजियाबाद की डाइटिशियन डॉ. शिवानी असवाल के अनुसार मजबूत इच्छाशक्ति और सही रूटीन से सालों पुरानी स्मोकिंग की आदत भी छोड़ी जा सकती है. धूम्रपान फेफड़ों, दिल और दिमाग को नुकसान पहुंचाता है. धीरे-धीरे सिगरेट की मात्रा कम करें, विटामिन-C युक्त फल, पर्याप्त पानी, नियमित व्यायाम अपनाएं और क्रेविंग के समय खुद को व्यस्त रखें. संतुलित आहार और विशेषज्ञ सलाह से स्वस्थ जीवन की शुरुआत संभव है. स्वस्थ जीवन की शुरुआत एक सही फैसले से होती है और वह फैसला है सिगरेट को अलविदा कहना. किसी भी उम्र में धूम्रपान छोड़ना फायदेमंद होता है. यहां तक कि 40 साल की उम्र के बाद भी अगर कोई व्यक्ति सिगरेट छोड़ देता है तो उसके शरीर और दिमाग पर सकारात्मक असर साफ दिखाई देने लगता है. सिगरेट का धुआं केवल फेफड़ों को ही नहीं बल्कि दिमाग, दिल और पूरे शरीर को नुकसान पहुंचाता है. इससे याददाश्त कमजोर हो सकती है. इम्यूनिटी घटती है और गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है.

गाजियाबाद की डाइटिशियन डॉक्टर शिवानी असवाल बताती हैं कि आजकल कम उम्र में ही लोग स्मोकिंग शुरू कर देते हैं, लेकिन इसे छोड़ने की कोई तय उम्र नहीं होती. अगर इच्छाशक्ति मजबूत हो तो किसी भी उम्र में इस आदत से छुटकारा पाया जा सकता है. उनका कहना है कि कई लोग यह सोचकर हार मान लेते हैं कि वे सालों से सिगरेट पी रहे हैं. इसलिए अब छोड़ना मुश्किल है. जबकि यह पूरी तरह गलत धारणा है. सही मार्गदर्शन और मजबूत इरादे से स्मोकिंग छोड़ी जा सकती है.

डायटिशियन के अनुसार सिगरेट का सीधा असर फेफड़ों पर पड़ता है. यह ऑक्सीजन की सप्लाई कम करती है और शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को कमजोर बनाती है. महिलाओं में स्मोकिंग के कारण हार्मोनल असंतुलन और फर्टिलिटी संबंधी समस्याएं भी बढ़ सकती हैं. जो लोग नियमित वर्कआउट करते हैं उन्हें खासतौर पर सतर्क रहना चाहिए क्योंकि जितनी मेहनत वे शरीर को फिट रखने में करते हैं, उतना ही नुकसान सिगरेट चुपचाप पहुंचाती रहती है. नाइट शिफ्ट में काम करने वाले लोग अक्सर नींद की कमी और थकान के कारण चाय-कॉफी के साथ ज्यादा स्मोकिंग करने लगते हैं. कैफीन और निकोटीन का यह मेल स्लीप डिसऑर्डर को बढ़ा सकता है. इसलिए ऐसी स्थिति में हर्बल टी, ग्रीन टी या लेमन टी का विकल्प बेहतर माना जाता है.

स्मोकिंग छोड़ने के लिए अचानक पूरी तरह बंद करने की बजाय धीरे-धीरे कमी लाने की सलाह दी जाती है. एक रूटीन बनाइए और तय कीजिए कि दो-तीन हफ्तों में सिगरेट की संख्या कम करते हुए इसे पूरी तरह छोड़ देंगे. खान-पान पर विशेष ध्यान दें. विटामिन-सी से भरपूर फल जैसे आंवला, कीवी और संतरा डाइट में शामिल करें. हाइड्रेशन बेहद जरूरी है क्योंकि स्मोकिंग करने वालों का शरीर अक्सर डिहाइड्रेटेड रहता है और त्वचा भी बेजान हो जाती है.

स्मोकिंग क्रेविंग आने पर खुद को 5 से 10 मिनट तक व्यस्त रखना बेहद कारगर उपाय है. विशेषज्ञ कहते हैं कि सिगरेट की तीव्र इच्छा कुछ मिनटों की ही होती है. इस दौरान सौंफ चबाना या पानी पीना मददगार हो सकता है. नियमित व्यायाम भी ध्यान भटकाने और इच्छाशक्ति मजबूत करने में सहायक है. सोशल मीडिया पर मिली अधूरी जानकारी के आधार पर कदम न उठाएं. स्मोकिंग छोड़ने से पहले डॉक्टर या डाइटिशियन से परामर्श जरूर लें. संतुलित आहार और मजबूत इच्छाशक्ति के साथ कोई भी व्यक्ति किसी भी उम्र में सिगरेट छोड़कर बेहतर और स्वस्थ जीवन की ओर कदम बढ़ा सकता है.

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Uttar PradeshFeb 16, 2026

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