Health

Risk of heart disease is higher in Kerala than Bihar north-western people has low HDL cholesterol level | उत्तर-पश्चिमी राज्यों के लोगों में HDL कोलेस्ट्रोल की कमी, केरल में दिल की बीमारी का खतरा सबसे ज्यादा



इंडियन हार्ट जर्नल में प्रकाशित एक नए अध्ययन के अनुसार, भारत के उत्तर-पश्चिमी राज्यों में रहने वाले लोगों में हाइपरकोलेस्ट्रोलेमिया का खतरा सबसे अधिक है. हाइपरकोलेस्ट्रोलेमिया एक ऐसी स्थिति है जिसमें खून में ‘बैड’ कोलेस्ट्रॉल (एलडीएल) की मात्रा अधिक हो जाती है और ‘गुड’ कोलेस्ट्रॉल (एचडीएल) की मात्रा कम हो जाती है.
इंडियन कार्डियोलॉजी सोसायटी ऑफ इंडिया द्वारा किए गए इस अध्ययन में देश के विभिन्न भौगोलिक क्षेत्रों में लोगों के लिपिड प्रोफाइल का विश्लेषण किया गया. अध्ययन के अनुसार, पश्चिमी राज्यों में 29.2 प्रतिशत, उत्तर के 28.2 प्रतिशत, दक्षिण के 24.5 प्रतिशत और पूर्वी राज्यों के 18.8 प्रतिशत लोगों में हाइपरकोलेस्ट्रोलेमिया की समस्या पाई गई.
केरल में सबसे ज्यादा लोग हैं हाई कोलेस्ट्रॉल के शिकारअध्ययन में यह भी पाया गया कि कुल कोलेस्ट्रॉल के मामले में केरल सबसे ऊपर है. यहां 50.3 प्रतिशत लोगों का कोलेस्ट्रॉल लेवल नॉर्मल से अधिक है. इसके बाद गोवा (45.6%) और हिमाचल प्रदेश (39.6%) का नंबर आता है.
उत्तरी राज्यों में सबसे ज्यादा है बैड कोलेस्ट्रॉलअध्ययन के अनुसार, उत्तर भारत में बैड कोलेस्ट्रॉल (एलडीएल) का लेवल सबसे अधिक है. यहां 29.1 प्रतिशत लोगों में एलडीएल का लेवल नॉर्मल से अधिक पाया गया. इसके बाद पश्चिमी भारत (30.2%), दक्षिणी भारत (23.5%) और पूर्वी भारत (19.2%) का नंबर आता है.
दक्षिणी राज्यों में सबसे कम है गुड कोलेस्ट्रॉलगुड कोलेस्ट्रॉल (एचडीएल) के मामले में दक्षिणी भारत सबसे पीछे है. यहां 53.9 प्रतिशत लोगों में एचडीएल का लेवल नॉर्मल से कम पाया गया. इसके बाद पूर्वी भारत (46.5%), उत्तरी भारत (44.6%) और पश्चिमी भारत (29.3%) का नंबर आता है.
झारखंड में सबसे कम है हाई कोलेस्ट्रॉल की समस्याअध्ययन के अनुसार, झारखंड में हाई कोलेस्ट्रॉल की समस्या सबसे कम है. यहां केवल 4.6 प्रतिशत लोगों में ही हाई कोलेस्ट्रॉल की समस्या पाई गई. इसके बाद असम (7.9%) और बिहार (9.7%) का नंबर आता है.
हाइपरकोलेस्ट्रोलेमिया के खतरेहाइपरकोलेस्ट्रॉल दिल की बीमारी, स्ट्रोक और अन्य गंभीर बीमारियों का प्रमुख कारण है. यह धमनियों में प्लाक जमा करके उन्हें संकरा कर देता है, जिससे खून के फ्लो में रुकावट आती है.



Source link

You Missed

authorimg
Uttar PradeshFeb 19, 2026

‘टैरिफ वार से कुछ नहीं बिगड़ेगा…भारत ही करेगा नेतृत्व’, लखनऊ में बोले संघ प्रमुख मोहन भागवत, कैसे मिटेगा जात-पात? बताया तरीका

Last Updated:February 18, 2026, 23:00 ISTलखनऊ के महानगर में आयोजित प्रमुख जन गोष्ठी में संघ प्रमुख ने कहा…

Iran elected vice-chair of UN Charter Committee despite Israel criticism
WorldnewsFeb 19, 2026

इरान को यूएन चार्टर समिति के उपाध्यक्ष के रूप में चुना गया, इज़राइल ने आलोचना की

नई दिल्ली: संयुक्त राष्ट्र में एक महत्वपूर्ण निर्णय के बाद, ईरान को संयुक्त राष्ट्र के चार्टर कमेटी का…

Scroll to Top