Rishabh Pant Injury Update: टीम इंडिया के स्टार विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत (Rishabh Pant) फिलहाल क्रिकेट के मैदान से दूर हैं. पिछले साल दिसंबर में हुई कार दुर्घटना से ऋषभ पंत अभी भी उबर रहे हैं. बीसीसीआई (BCCI) ने अपनी मेडिकल टीम के माध्यम से हाल ही में उनकी फिटनेस पर अपडेट दिया था. इन सब के बीच उनकी वापसी से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आ रही है. ऋषभ पंत अगले साल खेली जाने वाली एक अहम टेस्ट सीरीज में टीम इंडिया का हिस्सा बन सकते हैं.
ऋषभ पंत की वापसी पर सबसे बड़ा अपडेटऋषभ पंत (Rishabh Pant) इन दिनों नेशनल क्रिकेट अकेडमी (NCA) में हैं. मेडिकल अपडेट के मुताबिक, ऋषभ पंत ने रिहैबिलिटेशन में तेजी से रिकवर किया है. उन्होंने नेट्स पर बल्लेबाजी के साथ-साथ कीपिंग भी शुरू कर दी है. अब खबर सामने आ रही हैं कि ऋषभ पंत (Rishabh Pant) को 2024 के इंग्लैंड के खिलाफ एक्शन में देखा जा सकता है. टीम इंडिया को अगले साल जनवरी-फरवरी में इंग्लैंड के खिलाफ 5 टेस्ट खेलने हैं.
30 दिसंबर 2022 को हुआ पंत की कार का एक्सीडेंट
ऋषभ पंत (Rishabh Pant) ने अपना आखिरी मैच दिसंबर 2022 में बांग्लादेश के खिलाफ खेला था. पंत की कार 30 दिसंबर को सुबह करीब 5.30 बजे रुड़की के नारसन बॉर्डर पर हम्मदपुर झाल के करीब रेलिंग से टकरा गई थी. इस एक्सीडेंट के बाद कार में आग लग गई थी और हादसे में पंत गंभीर रूप से घायल हुए थे. इस घटना के बाद वह देहरादून में भर्ती थे, इसके बाद उन्हें एयरलिफ्ट कर मुंबई लाया गया था. आपको बता दें कि पंत के घुटने और टखने के लिगामेंट टियर की सर्जरी की गई थी.
बांग्लादेश के खिलाफ खेला आखिरी मैच
ऋषभ पंत (Rishabh Pant) ने साल 2022 में टीम इंडिया के लिए कुल 7 टेस्ट मैच खेले थे. इस दौरान उन्होंने 61.81 की औसत से 680 रन बनाए. वहीं पंत ने पिछली साल भारत के लिए 12 वनडे मैचों में 37.33 की औसत से 336 रन ही बनाए. टी20 की बात की जाए तो इस फॉर्मेट में तो उन्होंने पिछली साल 25 मैच खेलते हुए 21.41 की औसत से 364 रन ही जड़े थे. जब भारत ने दिसंबर 2022 में बांग्लादेश पर 2-0 से टेस्ट सीरीज जीत हासिल की थी. 25 दिसंबर को समाप्त हुए दूसरे टेस्ट में, उन्होंने शेर-ए-बांग्ला नेशनल क्रिकेट स्टेडियम में भारत की पहली पारी में 93 रन की मैच जिताऊ पारी खेली थी.
Pavan K. Varma | As Dust Settles On Verdict, Questions Linger In The Air
In the aftermath of the recent Assembly elections in India, four broad conclusions emerge with unmistakable clarity: the…

