Obesity Risk After Marriage: शादी और ज्यादा वजन के बीच एक चौंकाने वाला कनेक्शन इस रिसर्च में पाया गया. पोलैंड के वारसॉ में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ कार्डियोलॉजी की एक टीम ने पाया कि शादी आपका वजन बढ़ा सकती है. लेकिन यह पुरुषों और महिलाओं के लिए समान नहीं है. ओबेसिटी या मोटापे की बात करें तो इसमें भी हाई इनकम वाले देशों ने बाजी मारी है. जिसमें अमेरिका पहले स्थान पर है! 2021 में लगभग 42 फीसदी पुरुष और 46 फीसदी महिलाएं मोटापे का शिकार हुए.
इन गंभीर बीमारियों का है खतरामोटापे से टाइप 2 डायबिटीज, हाई बीपी, हार्ट से जुड़ी बीमारियां और कई तरह के कैंसर का खतरा बढ़ जाता है. 2021 में अमेरिका में 25 वर्ष से ज्यादा उम्र के 172 मिलियन मोटापा झेल रहे युवा थे. एक अनुमान के मुताबिक 2050 तक ये दर 214 मिलियन हो जाएगी.
शादी और मोटापे को लेकर रिसर्चशादी और मोटापे को लेकर किए गए रिसर्च में 50 साल की एवरेज इनकम वाले 2,405 लोगों (लगभग आधी महिलाएं, आधे पुरुष) के डेटा को एनालाइज किया गया. इस आबादी में से 35.3 फीसदी नॉर्मल वेट वाले थे, 38.3 फीसदी ज्यादा वजन वाले थे और 26.4 फीसदी मोटे थे. जबकि शादी करना दोनों जेंडर के लिए वजन बढ़ाने के बराबर था.
मैरिड और अनमैरिड पुरुषपुरुषों में विवाह और मोटापे के बीच एक मजबूत संबंध पाया गया, जिसमें शादीशुदा पुरुषों में कुंवारे लोगों की तुलना में मोटापा बढ़ने की चांसेस 3.2 गुना ज्यादा थी.
मैरिड और अनमैरिड महिलाएंस्टडी में मैरिड और अनमैरिड महिलाओं के बीच मोटापे में कोई महत्वपूर्ण अंतर नहीं पाया गया. यह जानकारी पिछली स्टडी के निष्कर्षों को दोहराती है, जिसमें पाया गया था कि शादी के बाद पुरुषों में महिलाओं की तुलना में वजन बढ़ने के चांसेस ज्यादा होते हैं.
पहले 5 सालों के अंदर बढ़ता है BMIइकोनॉमिक्स एंड ह्यूमन बायोलॉजी नामक मैगजीन में पब्लिश्ड उस स्टडी में खासतौर से पाया गया कि शादी करने से पुरुषों में पहले पांच सालों के अंदर बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआई) बढ़ता है. एक्सपर्ट्स ने नोट किया कि बीएमआई में यह उछाल इसलिए आया क्योंकि पुरुषों ने अपनी शादी जारी रखने के दौरान अधिक खाना और कम वर्जिश की.
हैप्पी फैटपिछले शोध में पाया गया है कि शादीशुदा लोगों का बीएमआई सिंगल शख्स की तुलना में काफी अधिक होता है. यह पाया गया कि कोई व्यक्ति अपने रिलेशनशिप में जितना ज्यादा संतुष्ट होता है, उसके मोटे होने के चांसेस उतनी ही ज्यादा होती है और इसे जिसे आमतौर पर “हैप्पी फैट” कहा जाता है.
इंडिपेंडेंट रिस्क फैक्टर है एजस्टडी में उम्र को भी इंडिपेंडेंट रिस्क फैक्टर माना गया. अभी के स्टडी में पाया गया कि उम्र बढ़ने के साथ दोनों जेंडर में ज्यादा वजन और मोटापे का रिस्क बढ़ता है. इसके अलावा, रिसर्च में पाया गया कि जो महिलाएं 8,000 से कम लोगों में रह रही थीं, उनमें मोटापे की संभावना 46 फीसदी ज्यादा थी और ओवरवेट की संभावना 42 फीसदी से अधिक थी. वहीं, पुरुषों में कोई चेंज नहीं देखा गया.–आईएएनएस
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