Uttar Pradesh

रावण का वध कर लंका से चित्रकूट पहुंचे राम, त्रेता युग की तरह लोगों ने बरसाए फूल, जानें क्यों ये इतना खास?

चित्रकूट में रामनवमी का भव्य स्वागत

चित्रकूट. आज रामनवमी का पर्व है. चित्रकूट से इसका खास कनेक्शन है. यहां से प्रभु राम का अट्टू नाता रहा है, क्योंकि भगवान राम ने अपने वनवास काल के 11.5 साल यहीं बिताए थे. ऐसे में भगवान श्रीराम की तपोभूमि चित्रकूट में रामनवमी के पावन मौके पर धार्मिक उल्लास और भक्ति के बीच नगर में भव्य रामदल शोभा यात्रा निकाली गई है. चित्रकूटधाम नगर पालिका प्रशासन की ओर से आयोजित इस शोभा यात्रा में प्रभु श्रीराम, माता सीता, लक्ष्मण और हनुमान जी के आकर्षक स्वरूपों की भव्य झांकियां शामिल रहीं. इन झांकियों पर श्रद्धालुओं ने जगह-जगह पुष्प वर्षा कर भगवान का स्वागत किया. पूरा शहर जय श्रीराम के जयघोष से गूंज उठा. भक्त इस अद्भुत नजारे को पाकर त्रेता युग की अनुभूति में लीन दिखे.

चित्रकूट में भगवान श्रीराम की भव्य शोभा यात्रा हर वर्ष रामनवमी पर निकाली जाती है. इस वर्ष यह 164वीं ऐतिहासिक रामदल शोभा यात्रा रही, जिसने पूरे शहर को आध्यात्मिक माहौल से सराबोर कर दिया है. इस दल ने भक्त बड़ी संख्या में शामिल हुए.

शोभा यात्रा में बाहर से आए कलाकारों ने भगवान श्रीराम की लीलाओं का मंचन कर श्रद्धालुओं का मन मोह लिया है. भगवान के जीवन से जुड़ी झांकियों में बाल लीला से लेकर रावण वध तक के प्रसंगों का मनमोहक प्रदर्शन किया गया. आकर्षक सजावट से सजे हाथी-घोड़े, बैंड-बाजे और भक्ति संगीत ने यात्रा को और भी भव्य बना दिया. यह यात्रा पूरे कर्वी शहर में निकाली गई. हर कदम पर लोगों ने स्वागत किया है. मंदिरों की घंटियां, भक्ति गीतों की धुन और जयघोषों से पूरा चित्रकूटधाम भक्तिमय माहौल में डूबा रहा.

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