Last Updated:January 18, 2026, 20:44 ISTCow Dung Fertilizer: रासायनिक उर्वरक और कीटनाशक मिट्टी और स्वास्थ्य के लिए खतरा बनते जा रहे हैं. लेकिन देसी गाय के गोबर और मूत्र से तैयार जैविक खाद का इस्तेमाल करके किसान कम लागत में उपज बढ़ा सकते हैं और मिट्टी को फिर से उपजाऊ बना सकते हैं. जानिए कैसे बनाएं और इस्तेमाल करें घन जीवामृत, जो पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य दोनों के लिए फायदेमंद है.शाहजहांपुर: रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के बढ़ते प्रयोग से मृदा स्वास्थ्य को गंभीर नुकसान हो रहा है. किसानों के मित्र कीट खत्म हो रहे हैं और मिट्टी का पीएच स्तर का संतुलन बिगड़ने से उत्पादन पर विपरीत प्रभाव पड़ रहा है. ऐसे में अगर किसान ‘गौ-आधारित खेती’ करते हैं तो क्रांतिकारी बदलाव देखने को मिलेंगे. देसी गाय के गोबर और मूत्र से तैयार जैविक खाद का इस्तेमाल कर सकते हैं, जो न केवल मिट्टी को पुनर्जीवित करती है, बल्कि किसानों को बाजार के महंगे रसायनों से मुक्ति भी दिलाएगी. इससे कम लागत में अच्छी गुणवत्ता वाली पैदावार मिलेगी, जो मानव स्वास्थ्य और पर्यावरण दोनों के लिए वरदान है.
कृषि एक्सपर्ट डॉ. एनपी गुप्ता ने बताया कि एक देसी गाय से 30 एकड़ क्षेत्रफल में सफलतापूर्वक जैविक खेती की जा सकती है. देसी गाय के एक ग्राम गोबर में करोड़ों सूक्ष्म जीवाणु पाए जाते हैं, जो मिट्टी को उपजाऊ बनाते हैं. किस देशी गाय के गोबर से ‘घन जीवामृत’ बनाकर इस्तेमाल कर सकते हैं. घन जीवामृत रासायनिक उर्वरकों का बेहतर और सस्ता विकल्प है. इसके प्रयोग से मिट्टी का प्राकृतिक स्वरूप वापस आता है और पौधों को सभी आवश्यक पोषक तत्व मिलते हैं. यह न केवल खेती की लागत शून्य करती है, बल्कि पैदावार की गुणवत्ता बेहतर होगी.
घन जीवामृत बनाने की विधिघन जीवामृत बनाने के लिए 100 किग्रा देसी गाय का गोबर लें. इसमें 2 किग्रा गुड़, 2 किग्रा बेसन और किसी पुराने पेड़ के नीचे की 1 किग्रा मिट्टी मिलाएं. इस मिश्रण में 5 लीटर गोमूत्र डालकर इसे आटे की तरह अच्छी तरह गूंथ लें. तैयार मिश्रण से छोटे-छोटे उपले बना लें और इन्हें छायादार स्थान पर अच्छी तरह सुखा लें. सूखने के बाद यह खाद प्रयोग के लिए तैयार है. इस जैविक खाद की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसे बनाकर 6 महीने तक सुरक्षित रखा जा सकता है.
घन जीवामृत का इस्तेमाल कैसे करेंइस्तेमाल के लिए सूखे उपलों को महीन पीस लें. अब 100 किग्रा घन जीवामृत को 250 किग्रा सड़ी हुई गोबर की खाद में मिलाकर पर्याप्त नमी वाले खेत में डालें. दूसरा तरीका यह है कि इन उपलों को फलदार पेड़ों या खड़ी फसल के पास 3-4 सेमी की दूरी पर रख दें. सिंचाई करते ही इसमें मौजूद सूक्ष्म जीव सक्रिय होकर मिट्टी में मिल जाएंगे, जिससे पौधों की वृद्धि तेजी से होगी.About the AuthorSeema Nathसीमा नाथ पांच साल से मीडिया के क्षेत्र में काम कर रही हैं. शाह टाइम्स, उत्तरांचल दीप, न्यूज अपडेट भारत के साथ ही लोकल 18 (नेटवर्क18) में काम किया है. वर्तमान में मैं News18 (नेटवर्क18) के साथ जुड़ी हूं, जहां मै…और पढ़ेंLocation :Shahjahanpur,Uttar PradeshFirst Published :January 18, 2026, 20:44 ISThomeagricultureरासायनिक फर्टिलाइजर छोड़िए! गोबर बनेगा आपकी मिट्टी का ताकत, खेत होंगे हरे-भरे

