Uttar Pradesh

Ramnagar Ramleela: काशी की इस रामलीला का अनोखा है ठाट, हर रोज लीला निहारने आते हैं महाराज



हाइलाइट्सइस लीला का इतिहास करीब 239 साल पुराना है. यूनिस्को ने भी इसे विश्व सांस्कृतिक विरासत माना है. वाराणसी के रामनगर की इस लीला की शुरुआत अनंत चतुर्दशी से होती है, जो एक पूरे महीने चलती है. वाराणसी की इस रामलीला की शुरुआत 1783 में काशी नरेश उदित नारायण सिंह ने की थी.रिपोर्ट : अभिषेक जायसवाल
वाराणसी. वाराणसी (Varanasi) के रामनगर की विश्व प्रसिद्ध रामलीला (Ramnagar Ramleela) का मंचन शुरू हो गया है. अनूठे ठाट वाली इस ऐतिहासिक रामलीला का दीदार करने आज भी काशी नरेश अनंत नारायण सिंह यहां आते हैं. पूरे शाही ठाट-बाट में हाथी पर सवार होकर काशी नरेश इस लीला का मंचन देखने पहुंचते हैं. अनंत चतुर्दशी से इस लीला की शुरुआत होती है, जो पूरे एक महीने तक चलती है. ऐसे में पूरे एक महीने काशी नरेश इस लीला के साक्षी बनते हैं.
इस लीला का इतिहास करीब 239 साल पुराना है. यूनिस्को ने भी इसे विश्व सांस्कृतिक विरासत माना है. 1783 में काशी नरेश उदित नारायण सिंह ने इसकी शुरुआत की थी. बस तब से इस लीला का मंचन निरंतर चला आ रहा है. आज भी इस लीला में जब काशी नरेश अनंत नारायण सिंह हाथी पर सवार होकर इसे निहारने आते हैं तो हर-हर महादेव के जयघोष से उनका स्वागत किया जाता है.
5 किमी क्षेत्र में होती है लीला

इस लीला का मंचन गोस्वामी तुलसीदास (Goswami Tulsidas) द्वारा रचित रामचरित मानस की चौपाई पर होता है. आधुनिकता के इस दौर में भी लीला का मंचन वैसे ही होता है, जैसा 239 साल पहले हुआ करता था. न लाइट का तामझाम और न ही स्टेज का झंझट. रामनगर के पांच किलोमीटर के क्षेत्र में ये लीला घूम-घूम कर होती है.
भक्तों का जमावड़ा

लीला प्रेमी बलभद्र तिवारी ने बताया कि वे लगातार 35 सालों से इस लीला का मंचन देखने के लिए यहां आते हैं. इस लीला में जैसी शाही ठाठ बाट दिखती है, वैसी कहीं और देखने को नहीं मिलती है. कोरोना के कारण 2 साल बाद इस लीला का मंचन हो रहा है, इससे सभी भक्तों में खुशी का माहौल है.
होते हैं प्रभु के दर्शन

इस लीला को लेकर भक्तों का ऐसा मानना है कि उन्हें साक्षात यहां प्रभु श्रीराम के दर्शन होते हैं. यही वजह है कि बिना किसी तामझाम वाली रामलीला का मंचन देखने हजारों की संख्या में भक्त यहां आते हैं. इनमें विदेशी सैलानी भी शामिल होते हैं. हालांकि कोरोना के कारण इस बार विदेशियों की संख्या न के बराबर ही है.ब्रेकिंग न्यूज़ हिंदी में सबसे पहले पढ़ें News18 हिंदी | आज की ताजा खबर, लाइव न्यूज अपडेट, पढ़ें सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट News18 हिंदी |Tags: Kashi Ramlila, UP news, Varanasi newsFIRST PUBLISHED : September 12, 2022, 19:44 IST



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