Uttar Pradesh

राम जन्मभूमि की तर्ज पर होगा मथुरा मामले का ट्रायल, श्रीकृष्ण जन्मभूमि और शाही ईदगाह विवाद की सुनवाई



प्रयागराज. इलाहाबाद हाईकोर्ट में अयोध्या में भगवान श्री राम जन्मभूमि की तर्ज पर ही मथुरा विवाद के मामले की सुनवाई शुरू हो गई है. कोर्ट मथुरा विवाद से जुड़ी सभी 16 याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई कर रही है. हाईकोर्ट में चली एक घंटे की सुनवाई में कृष्ण विराजमान पक्ष की ओर से विवादित भूमि का सर्वे कराए जाने की मांग की गई है.

इलाहाबाद हाईकोर्ट में मंगलवार को अयोध्या श्री राम जन्मभूमि विवाद की तर्ज पर मथुरा विवाद का ट्रायल शुरू हो गया. हाईकोर्ट में मथुरा विवाद से जुड़ी सभी 16 याचिकाओं पर अदालत एक साथ सुनवाई कर रही है. 26 मई 2023 के फैसले के बाद मथुरा जिला कोर्ट से सभी 16 याचिकाएं इलाहाबाद हाईकोर्ट में ट्रांसफर कर दी गईं. इन याचिकाओं पर लगभग एक घंटे तक सुनवाई चली. श्री कृष्ण विराजमान पक्ष की ओर से अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन ने ऑर्डर 26 रूल 9 में एक अर्जी दाखिल कर एडवोकेट कमिश्नर से विवादित परिसर का सर्वे कराए जाने की मांग की है. इस पर शाही ईदगाह मस्जिद और यूपी सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड के अधिवक्ताओं ने आपत्ति दर्ज कराई है. कोर्ट दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोई आदेश पारित करेगी.

इस याचिका के तहत इलाहाबाद हाईकोर्ट में सुनवाईइलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर मथुरा जिला कोर्ट में चल रहे मामले को इलाहाबाद हाईकोर्ट में ट्रांसफर किए जाने की मांग की गई थी. इस पर सुनवाई करते हुए जस्टिस अरविंद कुमार मिश्रा ने 3 मई 2023 को अपना फैसला रिजर्व कर लिया था. जस्टिस अरविंद कुमार की सिंगल बेंच ने 26 मई 2023 को फैसला सुनते हुए मथुरा जमीन विवाद से जुड़ी सभी याचिकाओं पर हाईकोर्ट में एक साथ सुनवाई का आदेश पारित किया था. इसी आदेश के क्रम में अब मथुरा विवाद से जुड़ी सभी याचिकाओं का ट्रायल इलाहाबाद हाईकोर्ट में शुरू हो गया है.

शाही ईदगाह मस्जिद को हटाने की मांगइलाहाबाद हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद हाईकोर्ट ने मथुरा जिला कोर्ट में चल रहे सभी केसों की पत्रावली भी तलब कर ली थी. हाईकोर्ट में लीडिंग सूट भगवान श्री कृष्ण विराजमान कटरा केशव देव के नाम से रंजना अग्निहोत्री की ओर से दाखिल की गई है. इन याचिकाओं में 12 अक्टूबर 1968 को हुए समझौते को अवैध बताया गया है. इसके साथ ही समझौते के तहत शाही ईदगाह मस्जिद को दी गई 13.37 एकड़ जमीन भगवान श्री कृष्ण विराजमान को वापस दिए जाने की मांग की गई है. अवैध रूप से बनी शाही ईदगाह मस्जिद को भी हटाए जाने की मांग की गई है. याचिका में कुल चार पक्षकार बनाए गए हैं. शाही ईदगाह मस्जिद, यूपी सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड, श्री कृष्ण जन्मभूमि सेवा संघ और श्री कृष्ण जन्मभूमि संघ को पक्षकार बनाया गया है. हाईकोर्ट में श्री कृष्ण विराजमान की ओर से अधिवक्ता विश्व शंकर जैन ने बहस की. जस्टिस मयंक कुमार जैन की सिंगल बेंच में मामले की सुनवाई हुई.
.Tags: Allahabad high court, UP newsFIRST PUBLISHED : November 7, 2023, 18:38 IST



Source link

You Missed

Rocco DiSpirito shares top misconceptions about healthy eating and weight loss
HealthMay 10, 2026

रोक्को डिस्पिरिटो स्वस्थ खान-पान और वजन कम करने के बारे में शीर्ष गलतफहमियों साझा करते हैं

सेलिब्रिटी शेफ रॉको डिस्पिरिटो के अनुसार, स्वस्थ भोजन करना जटिल नहीं होना चाहिए। एक एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में, जो…

Scroll to Top