Last Updated:January 22, 2026, 07:52 ISTMagh Mela 2026: प्रयागराज माघ मेले में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और उनके शिष्यों के साथ कथित अभद्रता का मामला अब राज्य मानवाधिकार आयोग पहुंच गया है. इलाहाबाद हाईकोर्ट के अधिवक्ता डॉ गजेंद्र सिंह यादव ने मामले की शिकायत करते हुए निष्पक्ष जांच और उत्तरदायी अधिकारियों के खिलाफ एक्शन की मांग की गई है. ख़बरें फटाफटस्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने मेला प्रशासन को भेजा जवाब प्रयागराज. माघ मेले में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के शिष्यों के साथ कथित अभद्रता का मामला अब राज्य मानवाधिकार आयोग की दहलीज पर पहुंच गया है. इलाहाबाद हाईकोर्ट के अधिवक्ता डॉक्टर गजेंद्र सिंह यादव ने राज्य मानवाधिकार आयोग में शिकायत दर्ज कराते हुए दखल देने की मांग की है. शिकायत में कहा गया है कि मामला गंभीर है और पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच कर उत्तरदायी अधिकारियों के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई की जाए.
शिकायत में त्रिवेणी संगम जाने से रोके जाने की घटनाओं को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की गई है. पूरे घटनाक्रम की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच और उत्तरदायी अधिकारियों के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई की मांग की गई है, शिकायत में कहा गया है कि समाचार माध्यमों और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार शंकराचार्य के धार्मिक काफिले को त्रिवेणी संगम की ओर जाने से रोका गया. उनके शिष्यों के साथ कथित रूप से मारपीट एवं धक्का-मुक्की की गई. जिससे तनावपूर्ण एवं अव्यवस्थित स्थिति उत्पन्न हुई. यह घटनाक्रम उस समय सामने आया जब अन्य संत-समुदायों एवं अखाड़ों को धार्मिक अनुष्ठान एवं पवित्र स्नान की अनुमति प्राप्त होने की बातें भी प्रकाश में आईं,
मामला मानवाधिकार हनन की श्रेणी में
डॉ. गजेंद्र सिंह यादव द्वारा की गई शिकायत में कहा गया है कि यदि भीड़-नियंत्रण अथवा सुरक्षा कारणों से कोई प्रतिबंध आवश्यक था, तो वह समान, तर्कसंगत एवं आनुपातिक होना चाहिए था. चयनात्मक रोक, अपमानजनक व्यवहार अथवा वैकल्पिक व्यवस्था के अभाव में किया गया प्रशासनिक हस्तक्षेप संविधान प्रदत्त समानता का अधिकार (अनुच्छेद 14), धर्म की स्वतंत्रता (अनुच्छेद 25) तथा गरिमा के साथ जीवन के अधिकार (अनुच्छेद 21) का उल्लंघन करते हुए मानवाधिकार हनन की श्रेणी में आ सकता है. मानवाधिकार आयोग से मांग की गई है कि पूरे घटनाक्रम की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए. मेला प्रशासन एवं पुलिस द्वारा अपनाई गई प्रक्रिया, आदेश एवं बल-प्रयोग की समीक्षा की जाए.
आयोग से मामले का संज्ञान लेने की अपील
शिकायतकर्ता अधिवक्ता डॉ. गजेंद्र सिंह यादव ने आशा व्यक्त की है कि माननीय मानवाधिकार आयोग इस गंभीर प्रकरण का संज्ञान लेकर शीघ्र न्यायोचित कार्रवाई करेगा, जिससे धार्मिक स्वतंत्रता, मानवीय गरिमा एवं संविधान प्रदत्त अधिकारों की प्रभावी रक्षा सुनिश्चित हो सके.About the AuthorAmit Tiwariवरिष्ठ संवाददाताअमित तिवारी, News18 Hindi के डिजिटल विंग में प्रिंसिपल कॉरेस्पॉन्डेंट हैं. वर्तमान में अमित उत्तर प्रदेश की राजनीति, सामाजिक मुद्दों, ब्यूरोक्रेसी, क्राइम, ब्रेकिंग न्यूज और रिसर्च बेस्ड कवरेज कर रहे हैं. अख़बार…और पढ़ेंLocation :Allahabad,Uttar PradeshFirst Published :January 22, 2026, 07:52 ISThomeuttar-pradeshराज्य मानवाधिकार आयोग पहुंचा स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद संग अभद्रता का मामला

