एक लिखित शिकायत पर की गई शुरुआती जांच में सीबीआई को सीएमओ के खिलाफ कई सबूत मिले.Corruption in Uttar Pradesh : सीबीआई मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, 29 सितंबर 2021 को लखनऊ के एसीबी ब्रांच को लिखित तौर पर एक शिकायत मिली थी. शुरुआती जांच करने पर इस मामले में मिले सबूतों की गंभीरता को देखते हुए सीबीआई ने FIR दर्ज कर तफ्तीश शुरू कर दी है. इस मामले की जांच सीबीआई के लखनऊ जोन के सीनियर एसपी सुधांशु कुमार खरे की देखरेख में की जा रही है. सीबीआई के अधिकारी के मुताबिक, डॉक्टर नरेंद्र मोहन सिंह के खिलाफ भ्रष्टाचार से कई मामले सामने आए हैं.नई दिल्ली. उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिला अन्तर्गत ऊंचाहार इलाके के एनटीपीसी अस्पताल (NTPC Hospital) के पूर्व चीफ मेडिकल ऑफिसर (CMO) के खिलाफ केंद्रीय जांच एजेंसी सीबीआई (CBI) की टीम ने एक मामला दर्ज किया है. दरअसल, सीबीआई की लखनऊ ब्रांच को भ्रष्टाचार से जुड़े मामले में पूर्व चीफ मेडिकल ऑफिसर डॉ नरेंद्र मोहन सिंह सहित कई अन्य आरोपियों के खिलाफ सबूत मिले हैं. सीबीआई मुख्यालय (CBI Headquarter) के वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, 29 सितंबर 2021 को लखनऊ के एसीबी ब्रांच (ACB Branch, Lucknow) को लिखित तौर पर एक शिकायत मिली थी. शुरुआती जांच करने पर इस मामले में मिले सबूतों की गंभीरता को देखते हुए सीबीआई ने FIR दर्ज कर तफ्तीश शुरू कर दी है. इस मामले की जांच सीबीआई के लखनऊ जोन के सीनियर एसपी सुधांशु कुमार खरे की देखरेख में की जा रही है.
सीबीआई के अधिकारी के मुताबिक डॉक्टर नरेंद्र मोहन सिंह के खिलाफ भ्रष्टाचार से कई मामले सामने आए हैं. दर्ज एक शिकायत के मुताबिक, डॉक्टर नरेंद्र मोहन सिंह ने ठेका दिलाने के नाम पर ठेकेदार अनूप कुमार से लाखों रुपये की नकदी ली. इसके अलावा उन्होंने पत्नी प्रभा सिंह और खुद के विदेश दौरे के लिए एयर टिकट सहित अन्य सुविधाएं बतौर घूस लीं. यह मामला 20 जून 2019 का है. इस वर्ष आरोपी डॉ नरेंद्र मोहन और उनकी पत्नी मलेशिया और सिंगापुर गए थे. उस वक्त डॉ नरेंद्र मोहन NTPC अस्पताल के CMO थे. तब उनपर ठेकेदार अनूप कुमार की कंपनी मेसर्स लकी टेंट हाउस को फायदा पहुंचाने का आरोप लगा था.
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इसके साथ ही डॉ. नरेंद्र मोहन सिंह पर एक अन्य ने यह आरोप लगाया था कि उन्होंने NTPC अस्पताल के सीएमओ पद पर रहने के दौरान शमशेर बहादुर सिंह नाम के एक एमआर यानी मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव से दवाओं की सप्लाई के टेंडर के लिए करीब 10 लाख रुपये घूस लिए थे. यह मामला भी साल 2019 के नवंबर का है. इन मामलों की शिकायत मिलने के बाद सीबीआई ने प्राथमिक जांच की और तब कई सबूत हाथ लगे. इन्हीं सबूतों के आधार पर यह मामला दर्ज किया गया है. सीबीआई की टीम जल्द ही इस मसले पर कई अन्य आरोपियों से भी पूछताछ करने के बाद आगे की कार्रवाई को अंजाम दे सकती है.पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.हमें Facebook, Twitter, Instagram और Telegram पर फॉलो करें.
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