पूजा पाठ के नियमों का पालन जरूरी है
हिंदू धर्म में पूजा पाठ का विशेष महत्त्व है, लेकिन पूजा के कुछ नियम भी होते हैं. गलत विधि से की गई पूजा से उल्टा असर देखने को मिलता है. आप ये गलती न करें. तभी पूजा पाठ का पूरा पुण्य मिलेगा. घर के मंदिर से लेकर दीपक जलाने तक और भगवान को तिलक लगाने तक, हर काम के लिए कुछ खास नियम हैं. इन नियमों का पालन जरूरी है. घर में सकारात्मक ऊर्जा आती है.
अयोध्या के आचार्य सीताराम दास ने बताया कि पूजा के दौरान कभी दीपक से दीपक को नहीं जलाना चाहिए. इससे दरिद्रता आती है. आर्थिक स्थिति पर भी बुरा असर पड़ता है. देवी-देवताओं को तिलक लगाने का भी एक तरीका है. भगवान को हमेशा अनामिका अंगुली से ही तिलक लगाना शुभ है. शास्त्रों में चंदन, कुमकुम और हल्दी के तिलक का सकारात्मक महत्त्व बताया गया है.
पूजा के दौरान कुछ और बातें भी ध्यान में रखनी होती है. बिना आसन पर बैठे पूजा नहीं करनी चाहिए. इससे पूजा का फल नहीं मिलता. गंगाजल को भी कभी प्लास्टिक की बोतल में नहीं रखना चाहिए. हमेशा तांबे अथवा पीतल के बोतल में ही रखना शुभ है. रविवार एकादशी तिथि और शाम के समय तुलसी के पत्ते को न तोड़ें. पूजा के बाद शंख बजाना बेहद शुभ है. किसी भी पूजा की शुरुआत भगवान गणेश की वंदना से करें. पूजा खत्म होने के बाद भगवान से प्रार्थना करनी चाहिए कि जाने-अनजाने में कोई गलती हुई हो तो माफ करें, ऐसा करने पर ही पूजा का पुण्य फल मिलेगा.

